दिल्ली पुलिस का साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा खुलासा
दिल्ली पुलिस ने एक जटिल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें लगभग 180 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। इस कार्रवाई के तहत दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो ऑनलाइन ठगी के इस संगठित गिरोह का हिस्सा थे। यह अभियान विशेष रूप से नई दिल्ली जिले में चलाया गया, जिसका उद्देश्य साइबर अपराध के जाल को तोड़ना था।
साइबर फ्रॉड का जाल और गिरोह की रणनीति
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह शेल कंपनियों और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर देशभर में पीड़ितों से धोखाधड़ी करता था। जांच में पता चला कि इस गिरोह ने कम से कम 20 फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जिनके खातों में साइबर ठगी से कमाई गई रकम जमा की जाती थी। इसके बाद, इन फर्जी खातों से लेयरिंग प्रक्रिया के माध्यम से धन को आगे ट्रांसफर किया जाता था, जिससे पकड़ना मुश्किल हो जाता था।
गिरोह का नेटवर्क और गिरफ्तारी के बाद का घटनाक्रम
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन शेल कंपनियों और खातों के जरिए देशभर में धोखाधड़ी का जाल फैलाया गया था। जब राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायतें दर्ज हुईं, तो पुलिस को कई संदिग्ध गतिविधियों का पता चला। जांच में यह भी पता चला कि इन आरोपियों ने 20 से अधिक कंपनियों के जरिए रकम को घुमाया, जिनमें कुल लेनदेन लगभग 180 करोड़ रुपये का था। इस गिरोह के मुख्य सदस्यों में से एक राजेश खन्ना की नोएडा (Noida) के एक होटल में मौत हो गई, जबकि अन्य आरोपी जांच में सहयोग कर रहे थे।











