दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी से रसोईयों पर बढ़ा संकट
वर्तमान में दिल्ली में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में आई कमी का प्रभाव सीधे आम जनता की रसोई पर दिखाई दे रहा है। कई घरों में गैस खत्म होने के कारण लोग अब खाने के लिए अटल कैंटीनों का सहारा ले रहे हैं। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण इन कैंटीनों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं और कई बार भोजन समाप्त हो जाने के कारण लोग बिना खाए ही लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
गैस की कमी के कारण लोग बचत के लिए कैंटीन का रुख कर रहे हैं
यह आश्चर्यजनक है कि जिनके पास अभी भी थोड़ी बहुत गैस का स्टॉक बचा है, वे भी इसे बचाने के लिए कैंटीन में भोजन कर रहे हैं। आश्रम में राशन की दुकान चलाने वाले हेमंत ने बताया कि उन्होंने बीस दिन पहले ही सिलेंडर भरा था, जो अब समाप्त होने वाला है। उन्हें नहीं पता कि नया सिलेंडर कब मिलेगा। इसलिए वे अपने परिवार के साथ कैंटीन में भोजन कर रहे हैं ताकि घर की गैस कुछ दिनों तक चल सके। सस्ती और किफायती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के लोग भी अब यहां कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।
भीड़ बढ़ने से कैंटीन संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं
अचानक आई इस भीड़ ने कैंटीन संचालकों की परेशानियों को और बढ़ा दिया है। जंगपुरा और आश्रम की कैंटीनों में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पहले जहां रोजाना 200 से 250 लोग आते थे, अब यह संख्या 300 से अधिक हो गई है। कई बार इतनी भीड़ हो जाती है कि खाना सड़क तक खड़ी कतारों को भी पूरा नहीं कर पाता और भूखे लोग वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं। पहले जहां कुछ भोजन बच जाता था, अब स्टॉक समय से पहले ही समाप्त हो रहा है।
कैंटीन सप्लाई करने वाली संस्थाओं को भी गैस की कमी का सामना
सबसे बड़ी समस्या उन संस्थानों के सामने है जो इन कैंटीनों को भोजन की आपूर्ति करते हैं। इन्हें रोजाना कम से कम दस कमर्शियल सिलेंडर की आवश्यकता होती है, लेकिन बमुश्किल एक ही सिलेंडर मिल पा रहा है। इन संस्थानों ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि समय पर गैस नहीं मिली, तो कैंटीन में भोजन बनाना भी मुश्किल हो जाएगा। विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और वे जल्द ही बैठक कर इस समस्या का समाधान निकालेंगे।










