दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम
कालकाजी के आस्था कुंज पार्क में नाबालिग से हुई गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन ने पार्कों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक सप्ताह के भीतर सभी दिल्ली के पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है। इस ऑडिट में प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, नियमित गश्त और साफ-सफाई की जांच शामिल होगी। साथ ही, दिल्ली पुलिस को पार्कों के आसपास पेट्रोलिंग बढ़ाने और ‘पिंक पुलिस’ की तैनाती को मजबूत करने का निर्देश भी दिया गया है।
सभी पार्कों की सुरक्षा के लिए विस्तृत ऑडिट का निर्देश
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आसानी से पहुंचने योग्य पार्क जरूरी हैं। इस संदर्भ में उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और नगर निगम (MCD) के साथ मिलकर पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए नई रणनीतियों पर विचार करने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस सुरक्षा ऑडिट में प्रकाश व्यवस्था, नियमित गश्त, सुरक्षा बलों की तैनाती और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कालकाजी गैंगरेप मामला और पुलिस की कार्रवाई
17 वर्षीय लड़की के साथ सोमवार शाम को कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में तीन व्यक्तियों ने गैंगरेप किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से एक आरोपी पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हो गया। आरोप है कि इन आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर पीड़िता और उसके मित्र को धमकाया और फिर बारी-बारी से रेप किया। घटना के दौरान आरोपियों ने लड़की को बंदूक की नोक पर धमकाया और सुनसान इलाके में ले गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपी आसिफ ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर लड़की को धमकाया और उसके साथ रेप किया। साथ ही, दो अन्य आरोपियों – वकील हेमंत और उसके भाई मुकेश – को भी गिरफ्तार किया गया है। ये दोनों हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले हैं और दिल्ली के श्रीनिवासपुरी में रहते हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि ये आरोपी आपस में परिचित थे और अक्सर पार्क के आसपास मिलते थे।
पुलिस ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या ये आरोपी किसी और ऐसी घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। मंगलवार तड़के जब पुलिस ने आरोपी आसिफ को रोकने की कोशिश की, तो उसने कथित तौर पर फायरिंग की। एक गोली हेड कॉन्स्टेबल राजेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि पुलिस ने आत्मरक्षा में दो राउंड फायरिंग की, जिनमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी।
पीड़िता और उसके मित्र का मेडिकल परीक्षण एम्स (AIIMS) में कराया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का परिवार फरीदाबाद में रहता है और लड़की सोमवार शाम दिल्ली आई थी। पुलिस की जांच जारी है कि क्या इस घटना से जुड़ी कोई और पीड़िता भी हो सकती है।









