दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गैंगरेप मामले में नई जानकारी सामने आई
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में हुए गैंगरेप की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने कपड़े धोकर सबूत मिटाने का प्रयास किया।
आरोपियों ने सबूत छुपाने के लिए क्या किया?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद आरोपी हेमंत और मुकेश अपने घर पहुंचे और अपने लोअर और अन्य कपड़े अच्छी तरह से धो डाले। पुलिस ने इन कपड़ों को बरामद कर लिया है और अब इनकी कस्टडी के लिए अदालत में आवेदन करने की तैयारी कर रही है।
क्या आरोपी हेमंत की कानूनी जानकारी थी?
विशेष बात यह है कि आरोपी हेमंत ने लॉ की पढ़ाई पूरी कर रखी है। पुलिस का मानना है कि उसे कानूनी पेचीदगियों और सबूत मिटाने के तरीकों की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने पुलिस से बचने के लिए यह चाल चली।
मामले में मुख्य आरोपियों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने खुलासा किया है कि इस जघन्य अपराध के तीन मुख्य आरोपी- आसिफ, हेमंत और मुकेश बचपन के दोस्त हैं। ये तीनों अक्सर उसी पार्क में घूमने आते थे और इलाके की हर छोटी-बड़ी जानकारी रखते थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस की योजना
पुलिस अब इन तीनों आरोपियों को अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की योजना बना रही है। आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने के लिए यह कदम उठाया जाएगा।
पूरा मामला क्या था?
मामला फरीदाबाद की एक लड़की का है, जो सोमवार शाम अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर दर्शन करने आई थी। दर्शन के बाद दोनों पार्क में बैठकर बातें कर रहे थे, तभी तीन युवक पहुंचे।
उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को डराया-धमकाया। आरोपियों ने कहा कि दोनों नाबालिग हैं और पार्क में बैठने से उनके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है। फिर एक आरोपी ने लड़के को पकड़ लिया, जबकि बाकी दोनों ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
मंगलवार सुबह पुलिस ने एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी आसिफ को गिरफ्तार किया। इसके बाद हेमंत और उसके भाई को भी हिरासत में लिया गया। जॉइंट कमिश्नर विजय कुमार के अनुसार, पुलिस हर सबूत का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि दोषियों को कठोर सजा दिलाई जा सके।











