दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों में बदलाव का व्यापारियों ने किया स्वागत
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के स्थान बदलने के निर्णय का व्यापारिक समुदाय ने स्वागत किया है, हालांकि उनकी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की है। साथ ही, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि रामलीला मैदान को भी इस सूची से बाहर किया जाए। संगठन का तर्क है कि यहां प्रदर्शन होने से दिल्ली के प्रमुख बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर त्योहारों के मौसम में।
प्रदर्शन स्थलों में बदलाव और व्यापार पर प्रभाव
CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल के अनुसार, संगठन ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने की मांग की थी। अब इस निर्णय के बाद, संगठन ने रामलीला मैदान को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को जारी आदेश में जंतर-मंतर रोड को इस सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। यह बदलाव गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है, जिसमें सुरक्षा कारणों को मुख्य आधार माना गया है।
बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर
बृजेश गोयल ने बताया कि रामलीला मैदान के आसपास लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के कई बड़े बाजार आते हैं, जैसे सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, खारी बावली, भागीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट, पहाड़गंज और दरियागंज। इसके अलावा कमला मार्केट, नया बाजार, लाजपत राय मार्केट और अजमेरी गेट भी इस क्षेत्र का हिस्सा हैं। संगठन का मानना है कि इन बाजारों से देश-विदेश तक बड़े पैमाने पर व्यापार होता है। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग, ट्रैफिक जाम या मेट्रो स्टेशन बंद होने जैसी स्थिति में दुकानदारों, ग्राहकों और माल की आवाजाही पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त, रामलीला मैदान में अगले दो महीने तक बुकिंग की तारीखें उपलब्ध नहीं हैं। प्रदर्शन के आयोजन का खर्च टैक्स सहित लगभग 1.21 लाख रुपये तक पहुंच सकता है, जिससे आयोजन की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। संगठन का सुझाव है कि प्रदर्शन स्थल का चयन करते समय व्यापार और आम जनता की आवाजाही का भी ध्यान रखा जाए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जंतर-मंतर के बाद रामलीला मैदान को लेकर व्यापारियों की आपत्तियों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।










