दिल्ली में आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ जघन्य दुष्कर्म और हत्या का मामला
दिल्ली में एक आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ हुई क्रूर दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि 23 वर्षीय आरोपी ने इस जघन्य अपराध से पहले राजस्थान के अलवर में एक महिला के साथ भी दुष्कर्म किया था।
अलवर में आरोपी का क्रूर अपराध और दिल्ली में वारदात
जानकारी के अनुसार, अलवर में आरोपी ने रात करीब 10:30 बजे पीड़िता के घर में घुसकर उसे जबरन पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। इसके बाद धमकी देकर वह वहां से फरार हो गया। इसके कुछ ही समय बाद, आरोपी दिल्ली पहुंचा, जहां शाम लगभग 6:30 बजे वह एक सोसाइटी में दाखिल हुआ। करीब 6:39 बजे उसने पीड़िता के घर में प्रवेश किया और लगभग 7:30 बजे बाहर निकल गया। अगले दिन सुबह 8 बजे जब पीड़िता के माता-पिता घर लौटे, तो उन्होंने बेटी को खून से लथपथ, कपड़े फटे और शरीर का निचला हिस्सा निर्वस्त्र पाया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए 15 टीमें गठित कीं। सोसाइटी और बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया गया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने उस दिशा का पता लगाया जहां आरोपी फरार हुआ था। जांच के दौरान, पुलिस को एक ऑटो रिक्शा की जानकारी मिली जिसमें आरोपी सवार था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी को एक होटल के पास छोड़ दिया गया था। इसके बाद, पुलिस ने होटल पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को द्वारका से गिरफ्तार किया गया, जो कर्ज में डूबा हुआ था और ऑनलाइन गेमिंग का आदी बताया जा रहा है। अपराध को अंजाम देने के बाद उसने खून लगे अपने कपड़े और जूते बदल लिए। उसने घर में रखे दूसरे कपड़े और जूते पहनकर फरार होने का प्रयास किया, जबकि खून से सने अपने कपड़े और जूते घटनास्थल पर ही छोड़ दिए। पुलिस ने घर में हुई लूटपाट का सामान भी बरामद कर लिया है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले आईआरएस अधिकारी के घर में काम करता था। उसे करीब एक साल पहले किसी अन्य अधिकारी की सिफारिश पर नौकरी मिली थी, लेकिन उसकी सट्टेबाजी और धोखाधड़ी की आदतों के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। आरोपी परिवार से दवाइयों के नाम पर पैसे भी लेता था, लेकिन दुकानदार को भुगतान नहीं करता था और उधार में सामान ले आता था। जब परिवार को इस धोखाधड़ी का पता चला, तो उसे नौकरी से हटा दिया गया। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।











