BRICS बैठक में वेस्ट एशिया संकट पर तीखी बहस
नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान ईरान (Iran) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर गंभीर विवाद देखने को मिला। इस विवाद ने इतनी तीव्रता पकड़ ली कि रूस को बीच में आकर माहौल को शांत कराना पड़ा। दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोप के कारण संगठन के सामने एक संयुक्त बयान जारी करने की प्रक्रिया बाधित हो गई है।
संगठन के फैसले पर बढ़ी अनिश्चितता और वैश्विक प्रभाव
चूंकि BRICS में कोई भी निर्णय सर्वसम्मति से ही लिया जाता है, इसलिए ईरान और UAE के बीच चल रहा विवाद पूरे संगठन के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस खींचतान के कारण अभी तक वेस्ट एशिया संकट पर BRICS देशों की कोई एक राय नहीं बन सकी है। भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तनाव का प्रभाव वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। यदि दोनों देश अपनी बात पर अड़े रहे, तो बैठक के अंत में कोई साझा निर्णय निकालना कठिन हो सकता है। वर्तमान में, दिल्ली में कूटनीति के साथ-साथ तनाव का स्तर भी चरम पर है।
तेल और गैस की कीमतों पर बढ़ता दबाव
वर्तमान स्थिति में, वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जो आम जनता और उद्योग दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। इस विवाद का समाधान न निकलने पर, आने वाले दिनों में इन संसाधनों की आपूर्ति और कीमतें और भी अधिक प्रभावित हो सकती हैं।











