दिल्ली के स्वरूप नगर में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ और विदेशी महिला की मौत
दिल्ली के स्वरूप नगर क्षेत्र में पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड (Anti Narcotics Squad) जब एक इमारत की चौथी मंजिल पर पहुंची, तो वहां मौजूद एक विदेशी महिला ने घबराहट में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसी मंजिल पर एक बंद कमरे का ताला खुलने पर पुलिस को एक अवैध ड्रग्स निर्माण केंद्र का पता चला। यहां केमिकल्स और भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस की जांच और संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा
यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई थी, बल्कि कई दिनों की गहन जांच के बाद हुई। बुराड़ी थाने में दर्ज एक मामले की पड़ताल के दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिले। जांच के क्रम में आरोपी फ्रैंक डैशमंड (Frank Dashmond) को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद पूछताछ में कई कड़ियां जुड़ती गईं। अंततः पुलिस की नजर स्वरूप नगर की एक बहुमंजिला इमारत पर टिक गई, जहां शक था कि सिर्फ ड्रग्स की सप्लाई नहीं, बल्कि उससे कहीं बड़ा अवैध खेल चल रहा है।
ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ और महिला की मौत का रहस्य
एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड की टीम सबसे पहले इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंची, जहां से आरोपी रोमियो उर्फ स्काई (Romeo alias Sky) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एमडीएमए (MDMA) और हेरोइन (Heroin) बरामद हुई। जैसे ही पुलिस टीम चौथी मंजिल पर पहुंची, वहां दो फ्लैट थे, जिनमें से एक में स्टेला पीयूस (Stella Pius) नाम की विदेशी महिला मौजूद थी। महिला ने पुलिस को देखकर घबरा गई और अचानक चौथी मंजिल से छलांग लगा दी। उसकी गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के पीछे क्या कारण था? क्या वह गिरफ्तारी से बचने के लिए ऐसा कदम उठा रही थी? या फिर किसी बड़े खुलासे का डर था? इन सवालों का जवाब अभी जांच के दायरे में है। पुलिस ने महिला के फ्लैट और उसके साथ जुड़े हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, उस मंजिल पर रहने वाले मार्टिन आरोन (Martin Aaron) नाम के विदेशी नागरिक की तलाशी ली गई, जहां से एक चाबी मिली। यह चाबी उस बंद कमरे का ताला खोलने के लिए थी, जिसमें केमिकल्स और ड्रग्स बनाने का सामान था।
कमरे की जांच में पता चला कि यहां बड़ी मात्रा में केमिकल्स, बीकर, पाइप, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीनें, बोरियां और अन्य उपकरण मौजूद थे। जांच अधिकारियों का दावा है कि इस जगह पर मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) और एमडीएमए (MDMA) टैबलेट बनाने का काम किया जा रहा था। यह एक सामान्य दिखने वाले फ्लैट के अंदर छिपा हुआ एक अवैध ड्रग्स निर्माण केंद्र था। पुलिस ने मौके से कच्चा माल, तैयार ड्रग्स और उपकरण भी बरामद किए हैं।
डीसीपी नॉर्थ राजा बांठिया (North DCP Raja Bansal) ने बताया कि इस फ्लैट के दूसरे कमरे में मेथामफेटामाइन (Methamphetamine) की मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री मिली है, जहां पर एमडीएमए (MDMA) की टैबलेट बनाई जाती थी। रॉ मटीरियल और तैयार उत्पाद दोनों ही वहां पाए गए। आरोपी स्काई के पास से लगभग 30 ग्राम एमडीएमए और 1.5 ग्राम हेरोइन भी बरामद हुई। इस पूरे सेटअप का इस्तेमाल अवैध तरीके से ड्रग्स बनाने और सप्लाई करने के लिए किया जा रहा था।
यह पूरा नेटवर्क एक रिहायशी इलाके में संचालित हो रहा था, जो आश्चर्यजनक है। आसपास के लोग शायद ही जानते होंगे कि उनके पड़ोस में ऐसी गतिविधियां चल रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और तैयार ड्रग्स कहां सप्लाई की जाती थी। इस मामले में कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं, जैसे कि यह नेटवर्क सिर्फ एक फ्लैट तक सीमित था या इसके तार दूसरे राज्यों और देशों से जुड़े हैं। महिला की भूमिका क्या थी, और आरोपी आपस में कैसे जुड़े थे? इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।











