गाजीपुर लैंडफिल से धुआं उठने से पर्यावरणीय संकट बढ़ा
दिल्ली के गाजीपुर लैंडफिल से निकले घने धुएं ने आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता को प्रभावित किया है, जिससे न केवल बदबू फैल गई है बल्कि दृश्यता भी काफी कम हो गई है। इस घटना के तुरंत बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। इस दुर्घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच प्रदूषण और कचरा जलाने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
कचरा जलाने को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
गाजीपुर में हुई इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा ने इस घटना का जिम्मेदार दिल्ली सरकार और उसके पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा को ठहराया है। सिरसा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के पार्षद खुद कचरा जलाकर प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने त्रिलोकपुरी विधायक द्वारा साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए पार्षद विजय कुमार पर लैंडफिल साइट पर आग लगाने का आरोप लगाया है।
पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर बढ़ती चिंता
यह घटना दिल्ली में कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कचरा जलाने से न केवल वायु प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सरकार और संबंधित विभागों को चाहिए कि वे कचरा निपटान के बेहतर उपाय अपनाएं और जनता में जागरूकता फैलाएं ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।










