आम आदमी पार्टी ने E20 पेट्रोल को लेकर सरकार पर हमला बोला
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ट्रंप (US) को लाभ पहुंचाने के लिए ही E20 ईंधन को प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही, उन्होंने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें भी रखीं हैं, जिनसे जनता को सीधे लाभ मिल सके।
पेट्रोल पंप पर विकल्प और कीमतों को लेकर प्रमुख मांगें
केजरीवाल की पहली मांग है कि देश के हर पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं को यह विकल्प मिलना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी के अनुसार पेट्रोल का चयन कर सकें। वर्तमान में सरकार पर्यावरण संरक्षण और कच्चे तेल के आयात को कम करने के उद्देश्य से E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। लेकिन उनका तर्क है कि पेट्रोल पंपों पर E20 के साथ-साथ प्योर पेट्रोल का विकल्प भी उपलब्ध रहना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी आवश्यकतानुसार सही ईंधन का चुनाव कर सकें।
दूसरी ओर, उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाया जा रहा है, तो इसकी कीमत क्यों नहीं कम होनी चाहिए। एथनॉल का उत्पादन पेट्रोल की तुलना में काफी सस्ता होता है, इसलिए केजरीवाल का मानना है कि E20 पेट्रोल की कीमत प्योर पेट्रोल से कम होनी चाहिए। यदि मिलावट के बावजूद जनता को समान कीमत चुकानी पड़ती है, तो यह नीति आम जनता के लिए लाभकारी नहीं है।
इसके अलावा, केजरीवाल ने पेट्रोल की कीमत को घटाकर 84 रुपये प्रति लीटर करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों ने आम घरों का बजट बिगाड़ दिया है, और तेल की कीमतों में कमी से जनता को तुरंत राहत मिलनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि कई पुरानी गाड़ियां E20 ईंधन के अनुकूल नहीं हैं, जिससे वाहन मालिकों में चिंता है कि मिलावटी ईंधन से इंजन जल्दी खराब हो सकता है। इसीलिए, उन्होंने इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है।
केजरीवाल की भूख हड़ताल और आगामी टाउनहॉल कार्यक्रम
अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए आगामी टाउनहॉल बैठक का आयोजन किया है, जिसमें वह भूख हड़ताल भी करेंगे। इस आंदोलन का उद्देश्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता का समर्थन जुटाना है और पेट्रोल की कीमतों तथा विकल्पों को लेकर जागरूकता फैलाना है।











