दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में प्रमुख पदों पर जीत का सिलसिला
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव में भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन महत्वपूर्ण पदों पर विजय प्राप्त की है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर यश डबास ने जीत हासिल की, जिन्होंने कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों से हराया। इसके साथ ही, ABVP की रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव पद पर विजेता बने।
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर NSUI से बगावत कर खड़े निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु ने बाजी मारी। इस चुनाव में NSUI को कोई भी प्रमुख पद नहीं मिल सका, जो परंपरागत रूप से मुख्य मुकाबला आरएसएस से जुड़े ABVP और कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI के बीच रहा है।
वामपंथी संगठनों पर सौरव दास की टिप्पणी और विपक्षी एकता पर सवाल
सौरव दास ने वामपंथी छात्र संगठनों के एक वर्ग पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन संगठनों में शामिल कुछ लोग ‘वैचारिक शुद्धता और विशिष्टता’ पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दास ने यह भी कहा कि इन संगठनों को अपनी जमीनी हकीकत को समझना चाहिए।
उन्होंने विपक्षी एकता पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि यदि यही विपक्ष की ‘सामंजस्य’ है तो वे इसी तरह विपक्ष में ही रहेंगे। इस तरह की टिप्पणियों से राजनीतिक माहौल में नई बहस छिड़ गई है।
ABVP की जीत और वामपंथी संगठनों की स्थिति
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में ABVP ने मुख्य पदों पर अपनी पकड़ मजबूत की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास की जीत के साथ ही, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी संगठन का कब्जा रहा। दूसरी ओर, NSUI ने उपाध्यक्ष पद पर अपने बागी उम्मीदवार दीपांशु को विजेता बनाकर अपनी स्थिति को मजबूत किया है।
यह चुनाव परंपरागत रूप से मुख्य रूप से आरएसएस से जुड़े ABVP और कांग्रेस समर्थित NSUI के बीच होता रहा है, लेकिन इस बार NSUI को कोई भी प्रमुख पद नहीं मिल सका। यह परिणाम छात्र राजनीति में नई दिशा और बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।










