दिल्ली जल बोर्ड घोटाले में राघव चड्ढा का बचाव
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) में हुए घोटाले के मामले में जब सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी हुई, तब आम आदमी पार्टी (AAP) ने बागी नेता राघव चड्ढा को भी इस संदर्भ में घसीटने का प्रयास किया। हालांकि, राघव ने स्पष्ट किया कि उनका कार्यकाल घोटाले से पहले ही समाप्त हो चुका था और उनका इस घोटाले से कोई संबंध नहीं है।
AAP का आरोप और राघव चड्ढा का जवाब
प्रियंका कक्कड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा (BJP) बदले की राजनीति कर रही है और राघव चड्ढा को गिरफ्तार या पूछताछ में नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, “क्या उन्होंने राघव चड्ढा को गिरफ्तार किया, क्या उनसे पूछताछ की? भाजपा ने दावा किया था कि ये फर्जी गड़बड़ियां राघव ने की हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा धमकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता अब इन राजनीति से तंग आ चुकी है।
राघव चड्ढा का पक्ष और राजनीतिक हकीकत
राघव चड्ढा के करीबी सूत्र ने बताया कि उनका दिल्ली जल बोर्ड (DJB) में उपाध्यक्ष का कार्यकाल 2 मार्च 2020 से शुरू होकर 3 मार्च 2022 तक रहा। कानून के अनुसार, DJB उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति अवधि दो साल की ही होती है। मार्च 2022 में, उन्होंने दिल्ली के विधायक के रूप में भी इस्तीफा दे दिया था।
सूत्र ने यह भी बताया कि कथित घोटाला अक्टूबर 2022 का है, जो उनके कार्यकाल खत्म होने के लगभग सात महीने बाद का समय है। दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी (STP) टेंडर मामले में राघव चड्ढा को घसीटने का प्रयास राजनीतिक रूप से ध्यान भटकाने की एक असफल कोशिश है। यह आरोप उनके अपने नेतृत्व पर लगे भ्रष्टाचार और घोटालों से जनता का ध्यान भटकाने का एक प्रयास है।











