दिल्ली में छात्र की आत्महत्या का मामला
दिल्ली के विकास नगर क्षेत्र में एक एमबीए छात्र ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस के अनुसार, युवक के एक करीबी रिश्तेदार ने उसे मोबाइल फोन का उपयोग छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। यह 20 वर्षीय छात्र सागरपुर स्थित आईआईडीएम कॉलेज में अध्ययनरत था। मंगलवार को उसने अपने घर में दुपट्टे से पंखे पर लटककर अपनी जान दे दी।
रिश्तेदार की सलाह और छात्र की मौत
मंगलवार को पुलिस को आशीर्वाद अस्पताल से सूचना मिली कि एक एमबीए छात्र को फांसी लगाने के बाद मृत अवस्था में लाया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्र ने आत्महत्या उस समय की जब उसके एक रिश्तेदार ने उसे मोबाइल फोन छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत दी थी। परिजन पहले उसे आशीर्वाद अस्पताल और बाद में दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले गए।
पोस्टमॉर्टम और जांच प्रक्रिया
पुलिस ने शव को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित रखा है। अधिकारी ने कहा कि परिवार ने किसी भी साजिश का आरोप नहीं लगाया है और मामले की जांच जारी है।
विकास नगर में लड़की का आत्मदाह और मौत
इसी क्षेत्र में एक और घटना में, 17 वर्षीय लड़की ने कथित तौर पर खुद पर टरपेंटाइन ऑयल डालकर आग लगा ली, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। पुलिस ने बताया कि अभी तक किसी भी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप का संदेह नहीं है।
घटना का विवरण और पुलिस की जांच
राठी अस्पताल से मिली सूचना के अनुसार, लड़की को गंभीर रूप से जलने के बाद अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि वह विकासनगर के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 9 की छात्रा थी और 3-4 नवंबर की रात अकेली तीसरी मंजिल पर सो रही थी। उसकी बहन ने आग की लपटों में उसे देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे एम्स रेफर किया गया।
परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ
मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, और फिलहाल किसी साजिश का संदेह नहीं है। पुलिस परिवार, पड़ोसियों और स्कूल शिक्षकों से पूछताछ कर रही है। बताया गया है कि लड़की परिवार में लगातार झगड़ों से परेशान थी और कुछ महीने पहले उसने अपना सिर मुंडवा लिया था।










