दिल्ली-NCR में जहरीली धुंध का कहर और स्वास्थ्य खतरे
सुबह के समय दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में कई स्थानों पर घनी जहरीली धुंध का प्रकोप देखा गया है। हवा की गुणवत्ता कई इलाकों में गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे सांस लेने में कठिनाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। खासतौर पर आनंद विहार का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 416 तक पहुंच गया है, जो अत्यंत खतरनाक श्रेणी में आता है। इसके अलावा, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, धौला कुआं और आर.के. पुरम जैसे इलाकों में भी जहरीली धुंध का प्रभाव देखा गया है।
प्रदूषण का स्तर और स्वास्थ्य पर प्रभाव
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, विवेक विहार में AQI 411, जहांगीरपुरी में 404, रोहिणी में 399, आईटीओ पर 398 और नेहरू नगर में 396 दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर है। राष्ट्रीय मानकों के अनुसार, AQI 0 से 50 तक अच्छा माना जाता है, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी में आते हैं। वर्तमान में दिल्ली में AQI 400 से ऊपर है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है।
वायु प्रदूषण के कारण और आवश्यक सावधानियां
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर का मुख्य कारण औद्योगिक धुआं, वाहन प्रदूषण और मौसम की अनुकूलता में बदलाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जहरीली धुंध से फेफड़ों की समस्या, सांस लेने में कठिनाई और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, इस स्थिति में मास्क का प्रयोग, घर के अंदर रहना और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर नजर रखना जरूरी हो गया है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को चाहिए कि वे प्रदूषण नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाएं और जनता को जागरूक करें।










