दिल्ली में इमारत गिरने का दर्दनाक हादसा, सरकार पर सवाल
रविवार दोपहर दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पुरानी और जर्जर इमारत के ढह जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मलबे में फंसे हुए हैं। इस हादसे ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी ने इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक करार दिया है, जिससे सरकार की जिम्मेदारी और व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
हादसे के पीछे सुरक्षा और व्यवस्था की कमी का आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह हादसा उन असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले छात्रावासों की समस्या को उजागर करता है, जहां पर्याप्त आवासीय सुविधाओं का अभाव है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि छात्र अपने भविष्य को संवारने दिल्ली आते हैं, न कि अपनी जान जोखिम में डालने। हर छात्र की जिंदगी कीमती है और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है।
सरकार की लापरवाही और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण पहले भी कई ऐसे हादसे हो चुके हैं। केजरीवाल ने कहा, “सरकार को अपनी नींद से जागना होगा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर कदम उठाने होंगे।” वहीं, सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की तुलना साकेत में हुए बिल्डिंग हादसे से की और कहा कि ऑडिट के नाम पर कार्रवाई तो होती रहेगी, लेकिन जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।
छात्रावासों की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मांग
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा कि एक दिन पहले ही मोदी दिल्ली यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, और अब साउथ कैंपस के पास एक हॉस्टल गिर गया। उन्होंने सवाल किया कि खराब बुनियादी ढांचे की कीमत छात्रों को कब तक भुगतनी पड़ेगी। दीपके ने छात्रों के लिए सुरक्षित क्लासरूम और हॉस्टल की मांग की है।
सरकार की जिम्मेदारी और मुआवजे की मांग
सीपीआई महासचिव डी राजा ने इस हादसे के लिए कथित सरकारी लापरवाही, अक्षमता और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने पीड़ितों को उचित मुआवजा देने और दिल्ली के सभी पीजी एवं हॉस्टलों का समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की। कांग्रेस नेता अजय माकन ने भी दिल्ली नगर निगम से पूछा कि कितनी इमारतों की सुरक्षा जांच हुई है और उनमें क्या कमियां पाई गई हैं। उन्होंने इन जानकारियों को सार्वजनिक करने की भी मांग की।
इसके अतिरिक्त, अभिषेक मनु सिंघवी, केसी वेणुगोपाल और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी इस हादसे को लेकर सरकार की नीतियों और छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। यह घटना स्पष्ट रूप से सरकार की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की खामियों को उजागर करती है, जो अब तत्काल सुधार की मांग कर रही है।











