दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई नीति का ऐलान
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से कठोर कदम उठाने की घोषणा की है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया कि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (PUCC) वाले वाहनों को अब पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। यह कदम दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार की प्रमुख पहलें
सिरसा ने कहा कि पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार को प्रदूषण की समस्या विरासत में मिली है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले कई उद्योगों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें से लगभग 8000 को कड़े मानकों के तहत लाया गया है। साथ ही, लैंडफिल साइट्स की ऊंचाई में करीब 15 मीटर की कमी की गई है और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कुल 9 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सरकार ने लकड़ी जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 10,000 हीटर वितरित किए हैं। इसके अलावा, बैंक्वेट हॉल्स में डीजे के उपयोग को नियंत्रित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सिरसा ने स्वीकार किया कि इतनी कम अवधि में दिल्ली में प्रदूषण को पूरी तरह से नियंत्रित करना संभव नहीं है, लेकिन उन्होंने जनता से माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि सात-आठ महीनों में प्रदूषण का स्तर पूरी तरह से कम करना संभव नहीं है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदम और वर्तमान स्थिति
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में 62 प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान की गई है, जिनमें से 13 क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में प्रदूषण का स्तर घटा है। साथ ही, 3427 इलेक्ट्रिक बसें डीटीसी (Delhi Transport Corporation) में शामिल की गई हैं ताकि वाहनों से निकलने वाले ग्रीन हाउस गैसों को कम किया जा सके। वैज्ञानिकों की एक समिति भी गठित की गई है, जो नियमित रूप से बैठक कर प्रदूषण के रुझानों का अध्ययन कर रही है और आवश्यक कदम सुझा रही है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है, और 16 दिसंबर 2025 को सुबह AQI 380 से ऊपर दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। सर्दियों में धुंध और स्मॉग की मोटी चादर के कारण सांस लेने में कठिनाई हो रही है। सरकार का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की हवा को खराब करने में सबसे बड़ा योगदान दे रहा है। इसलिए, पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण के लिए PUCC चेक अनिवार्य किया गया है।
जनता से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील
दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करें। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और अनावश्यक वाहनों का प्रयोग न करें। सरकार का मानना है कि ये कदम अस्थायी हैं, लेकिन जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति की समीक्षा कर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ये उपाय 18 दिसंबर से लागू हो रहे हैं और नागरिकों से नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।










