ग्वालियर से युवक को गिरफ्तार, भारत मंडपम में प्रदर्शन का मामला
दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में हुए ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के सिलसिले में ग्वालियर (Gwalior) से युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव को हिरासत में लिया है। पुलिस का मानना है कि यादव इस साजिश का हिस्सा था और प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद था।
पुलिस टीम ने शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि लगभग 1:30 बजे ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित जितेंद्र यादव के घर पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे दिल्ली लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है।
इसके साथ ही पुलिस उन स्थानों पर भी छापेमारी कर रही है, जहां प्रदर्शन के दौरान पहनी गई विवादित टी-शर्ट्स के प्रिंट्स बनाए गए थे। यह कार्रवाई उस संदिग्ध साजिश का हिस्सा है, जिसमें युवाओं की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
प्रदर्शन से जुड़ी प्रमुख जानकारी और पुलिस की कार्रवाई
गौरतलब है कि भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit (AI प्रभाव शिखर सम्मेलन) के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी कमीजें उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘Compromised PM’ जैसे नारे लगाए और टी-शर्ट्स लहराईं।
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई की, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए। इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 121 (सरकारी काम में बाधा) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह देशद्रोह जैसी हरकत है और कांग्रेस को इसकी माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
पुलिस ने ग्वालियर से राजा गुर्जर, भिंड से बिमल, झांसी से प्रद्युम्न और ललितपुर से बंटी शुक्ला को हिरासत में लिया है। इससे पहले शनिवार को कोर्ट ने चार अन्य मुख्य आरोपियों कृष्णा हरि (बिहार), कुंदन यादव (बिहार), अजय कुमार (उत्तर प्रदेश) और नरसिम्हा यादव (तेलंगाना) की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इन सभी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
राजनीतिक नेताओं ने इस घटना को ‘अति-अशोभनीय’ और ‘देश की गरिमा के खिलाफ’ बताया है। विपक्षी दलों ने प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि यह देश की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। भाजपा और युवा मोर्चा (BJYM) ने भी इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर माफी की मांग की है।










