नई दिल्ली पुलिस कमिश्नर की कड़ी नीतियों का संकेत
नई दिल्ली पुलिस के नए पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अपने पदभार ग्रहण करते ही स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त संदेश दिया कि दिल्ली पुलिस में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है। इस बैठक में डीसीपी, ज्वाइंट सीपी और स्पेशल कमिश्नर जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम और अनुशासनात्मक कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, अनुराग कुमार ने कहा कि जो अधिकारी पैसे देकर पद प्राप्त करेंगे, उनसे ईमानदारी से काम की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और इस तरह के मामलों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिल्ली पुलिस का कोई भी कर्मचारी संगठित अपराध या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने हाल के मामलों का भी जिक्र किया, जिनमें सीबीआई ने इंस्पेक्टर सुभाष यादव समेत कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, एक हेड कांस्टेबल के टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े होने का मामला भी सामने आया था।
यातायात व्यवस्था और जनता के साथ पुलिस का रिश्ता मजबूत करने पर जोर
बैठक में अनुराग कुमार ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस को अधिक सक्रिय होकर काम करना चाहिए और दिल्ली की यातायात व्यवस्था में सुधार लाना जरूरी है। उन्होंने अवैध अतिक्रमण को ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि कई बार शिकायतें मिलती हैं कि पुलिस की मिलीभगत से अतिक्रमण किया जाता है। ऐसी शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और सड़कों को आम जनता के लिए सुगम बनाया जाएगा।
बैठक की शुरुआत में, पुलिस कमिश्नर ने सभी अधिकारियों से पूछा, “हम पुलिस में क्यों आए हैं?” इसके बाद उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है और इस भावना को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को समुदाय पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देने, लोगों से नियमित संवाद स्थापित करने और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनने के निर्देश दिए।
इसके तुरंत बाद, अनुराग कुमार ने उपराज्यपाल से मुलाकात की और फिर अचानक दोपहर करीब 12:30 बजे सिविल लाइंस थाने का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, थाने में हलचल मच गई। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की, उनकी समस्याओं को जाना और कामकाज का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद वे वहां से रवाना हो गए।
पदभार संभालने के तुरंत बाद की इस पहली बैठक और थाने के अचानक दौरे से यह संकेत मिलता है कि उनकी प्राथमिकताएं भ्रष्टाचार पर सख्ती, अपराध नियंत्रण, बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और जनता के साथ पुलिस का भरोसेमंद रिश्ता स्थापित करना हैं।










