दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। इस गिरोह के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी दिल्ली से तेलंगाना (Telangana) भेजी जाती थी। पुलिस ने इस मामले में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस, तेलंगाना पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने मात्र 24 घंटे के भीतर अंजाम दी। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क का संचालन मुख्य रूप से अफ्रीकी नागरिकों द्वारा किया जा रहा था।
चालाक तरीके से की जाती थी नशीली वस्तुओं की तस्करी
पुलिस के अनुसार, यह ड्रग कार्टेल अत्यंत चालाकी से नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। आरोपी ड्रग्स को शर्ट के कॉलर के अंदर छुपाकर कूरियर सेवाओं के माध्यम से तेलंगाना (Telangana) भेजते थे। तीन महीने पहले तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद में एक तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद पता चला कि ड्रग्स दिल्ली से सप्लाई हो रहे थे।
इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर दिल्ली-एनसीआर में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया और कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान दिल्ली के मेहरौली, संतगढ़, निलोठी, प्रताप एन्क्लेव, मुनीरका, उत्तम नगर और ग्रेटर नोएडा में दबिश दी गई। तकनीकी और मैनुअल निगरानी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
विदेशी नागरिकों से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
पुलिस ने मोहान गार्डन क्षेत्र में 35 वर्षीय युगांडा (Uganda) की नागरिक जैनब क्योबुतुंगी उर्फ पामेला को गिरफ्तार किया। उसके पास से 195 ग्राम कोकीन, 24 ग्राम MDMA और 40,500 रुपये नकद जब्त किए गए। वहीं, तिलक नगर के संतगढ़ में नाइजीरियाई (Nigeria) मूल की 49 वर्षीय आरोपी बेकी को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 5209 एक्स्टेसी गोलियां, 35.46 ग्राम कोकीन और 78 हजार रुपये नकद मिले। पूछताछ में उसने बताया कि वह ड्रग्स की सप्लाई एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक फ्रैंक को करती थी, जिसे बाद में चंदर विहार से 60 MD टैबलेट के साथ गिरफ्तार किया गया।
तेलंगाना पुलिस को वांटेड आरोपी भी दिल्ली से ही पकड़ा गया। जीन अहमद उर्फ गॉडविन को गिरफ्तार किया गया, जिसके घर से 106.38 ग्राम कोकीन और 107.83 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इन बरामदगी के आधार पर अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। इसके अतिरिक्त, कई भारतीय नागरिक भी इस ड्रग नेटवर्क में शामिल पाए गए, जो वित्तीय और तकनीकी मदद प्रदान कर रहे थे। इनमें बदरुद्दीन, उसकी पत्नी सिमा उमर (ग्रेटर नोएडा निवासी) और जफर (मेहरौली निवासी) शामिल हैं।











