दिल्ली-NCR में घने कोहरे का कहर और मौसम का बदलाव
उत्तर भारत के कई मैदानी इलाकों में गुरुवार सुबह घने कोहरे ने दृश्यता को काफी कम कर दिया है, जिसमें दिल्ली-NCR प्रमुख रूप से प्रभावित रहा। इस दौरान कोहरे की मोटी परत ने शहर की सड़कों और मार्गों को धुंधला कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कोहरे की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, और विजिबिलिटी 50 मीटर से भी नीचे गिरने का खतरा है। सुबह सात बजे के बाद कोहरे की मात्रा और बढ़ गई, जिससे रेल और हवाई सेवाओं में देरी की आशंका जताई जा रही है।
उत्तर भारत में तापमान में गिरावट और शीतलहर का प्रभाव
पिछले दिनों भी उत्तरी भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप देखा गया, जिसमें पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों का तापमान सामान्य से लगभग 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। कश्मीर में डल झील जमने जैसी स्थिति भी देखी गई। दिल्ली में भी 2023 के बाद सबसे अधिक ठंड दर्ज की गई, जहां तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इस ठंड के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, खासकर फॉग और स्मॉग की वजह से सांस लेने में कठिनाई हुई।
मौसम विभाग की चेतावनी और उत्तर प्रदेश में राहत की उम्मीद
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है, जिससे उत्तर प्रदेश में चल रही शीत लहर और पाले की स्थिति में 15 जनवरी से राहत मिल सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मुरादाबाद और रोहिलखंड मंडल में शीत लहर की तीव्रता में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, गुरुवार रात तक शीतलहर और पाले की स्थिति बनी रह सकती है, जिससे कुछ इलाकों में तापमान और गिरने की आशंका है।










