दिल्ली में मॉनसून में देरी का कारण और संभावित समय
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार मॉनसून का आगमन सामान्य से पहले नहीं हो रहा है, बल्कि इसकी शुरुआत में देरी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में मॉनसून की आमतौर पर शुरुआत 27 जून को होती है, लेकिन इस बार यह जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना है। इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में अनुकूल मौसम प्रणाली का निर्माण न होना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सामान्यतः जून के अंतिम सप्ताह में मॉनसून का आगमन हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें विलंब हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में सिस्टम न बनने का प्रभाव और मॉनसून की देरी
मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः 18-19 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, जो अरब सागर की नमी वाली हवाओं को दक्षिण भारत की ओर ले जाता है। यह प्रणाली ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ती है, जिससे मॉनसून की शुरुआत होती है। इस बार, दुर्भाग्यवश, यह जरूरी सिस्टम नहीं बन पाया है। स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में अभी तक अनुकूल सिस्टम का निर्माण नहीं हुआ है। उम्मीद है कि 25-26 जून के आसपास यह सिस्टम बन सकता है, जिसके बाद दिल्ली में मॉनसून पहुंचने की संभावना है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी और मॉनसून की स्थिति
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार मॉनसून की शुरुआत में देरी हो सकती है और यह जुलाई के पहले हफ्ते तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर से आने वाली हवाओं का कमजोर होना और दो भागों में बंट जाना इस वर्ष मॉनसून की रफ्तार को प्रभावित कर रहा है। एक हिस्सा दक्षिण भारत की ओर जा रहा है, जबकि दूसरा राजस्थान की ओर। इससे उत्तर भारत में सामान्य से कम बारिश हो रही है। इस साल जून में भी देश में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे मॉनसून की सामान्य शुरुआत में विलंब हो रहा है।











