दिल्ली से लापता युवक का शव गुरुग्राम में मिला
दिल्ली के सरिता विहार से 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा का शव अंततः गुरुग्राम (Gurugram) की एक नाली में पाया गया। इस मामले में जांच में पता चला है कि युवराज की हत्या में उसकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स (Anya Vats) और उसके साथी संयम सचदेवा (Sanyam Sachdeva) की भूमिका सामने आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को उत्तराखंड (Uttarakhand) से गिरफ्तार किया है। अदालत ने दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
युवराज की गुमशुदगी और जांच की शुरुआत
यह मामला 6 सितंबर 2026 से शुरू हुआ, जब युवराज सिंह मनचंदा अपनी बहन के साथ लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में खरीदारी कर रहा था। इसके बाद दोनों लाजपत नगर-II के K-Block स्थित गोल्डन ड्रैगन रेस्टोरेंट पहुंचे। लगभग 4 बजे युवराज ने अपनी बहन से कहा कि उसकी गुरुग्राम में एक मीटिंग है और वह रात तक घर लौट आएगा। लेकिन वह घर नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल भी बंद मिला। परिवार ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। 11 सितंबर को शाम को युवराज की बहन ने थाना लाजपत नगर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने FIR नंबर 329/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हत्या का खुलासा और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने युवराज की तलाश के साथ-साथ तकनीकी जांच पर ध्यान केंद्रित किया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आईपीडीआर (IPDR) की जांच में पता चला कि युवराज ने आखिरी बार अपनी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स से बात की थी। परिवार को भी बताया था कि वह गुरुग्राम में अन्या से मिलने जा रहा है। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले और स्थानीय पूछताछ की। जांच में पता चला कि अन्या वत्स एक नए मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रही है। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि वह उत्तराखंड (Uttarakhand) में मौजूद है।
पुलिस की टीम ने उत्तराखंड पहुंचकर अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने युवराज की हत्या की बात स्वीकार की। उन्होंने बताया कि युवराज की हत्या के बाद शव को गुरुग्राम के पास एक नाली में फेंक दिया गया था। 10 सितंबर 2026 को पुलिस ने गुरुग्राम के बादशाहपुर क्षेत्र में एक नाले से एक अज्ञात शव बरामद किया था, जिसकी पहचान बाद में युवराज सिंह मनचंदा के रूप में हुई। पुलिस ने शव की तस्वीरें परिवार को दिखाईं, जिन्होंने उसकी पहचान की पुष्टि की।
पुलिस ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए तकनीकी और फोरेंसिक जांच जारी रखी है। दोनों आरोपियों को कोर्ट ने पांच दिन की पुलिस कस्टडी पर भेजा है। अब पुलिस हत्या की पूरी घटना का खुलासा करने और मामले से जुड़े स्थानों की निशानदेही करने में जुटी है। जांच अभी भी जारी है।











