दिल्ली में सड़क सुरक्षा के लिए नई पहल और कड़े नियम
दिल्ली सरकार ने हाल ही में जनकपुरी में एक दुखद सड़क हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि शहर की सभी खुदाई और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। इस कदम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सड़क निर्माण और खुदाई कार्यों के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश
मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, मुख्य सचिव ने एक मेमोरेंडम जारी कर कहा है कि हर निर्माण स्थल पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकदार टेप का प्रयोग अनिवार्य होगा। इन उपायों का मकसद रात के समय या कम दृश्यता में भी सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही, सभी विभागों को अपने कार्यस्थलों के चारों ओर मजबूत और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाली बैरिकेडिंग लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि पैदल यात्रियों और वाहनों की अनावश्यक एंट्री रोकी जा सके।
तीन दिनों में रिपोर्ट और जिम्मेदारी का निर्धारण
सभी संबंधित विभागों और ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर अपने कार्यस्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई कमी पाई जाती है, तो तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और इसकी जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय को दी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी लापरवाही या निर्देश उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि इस तरह की चूक से कोई हादसा होता है, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











