दिल्ली में बारिश के कारण खुली नालों की सुरक्षा पर सवाल
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर मानसून के दौरान हुई भारी बारिश ने नालों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। वजीराबाद थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव में स्कूल से घर लौट रहे तीन मासूम बच्चे अचानक खुले नाले में गिर गए, जो पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस घटना में राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों और एक ऑटो चालक की तत्परता से बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बारिश ने बढ़ाई जलभराव की समस्या और खतरे
मौसम की लगातार बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। खासकर जगतपुर के इंटीग्रेटेड एंट्री गेट के पास स्थित खुला नाला पानी से पूरी तरह भर चुका था। बारिश के कारण सड़क और नाले के ऊपर पानी जमा हो गया था, जिससे यह पहचानना मुश्किल हो गया कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां शुरू हो रहा है। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे अपने घर लौट रहे थे, तभी अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे नाले में गिर गए। आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
घटना के समय ट्रैफिक जाम के कारण मौके पर मौजूद लोगों की नजर तुरंत बच्चों पर पड़ गई। एक ऑटो चालक ने बिना देर किए नाले में छलांग लगाकर बच्चों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। आसपास के अन्य लोगों ने भी मदद की और कुछ ही मिनटों में तीनों बच्चे सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखता है कि बारिश के पानी के कारण नाला पूरी तरह छिप गया था, जिससे बच्चों को यह पता नहीं चल पाया कि वे सड़क पर नहीं बल्कि खुले नाले के किनारे चल रहे हैं।
यह घटना फिर से दिल्ली में खुले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हर साल मानसून से पहले बड़े दावे किए जाते हैं कि नालों को ढक दिया जाएगा और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे, लेकिन हकीकत में स्थिति जमीनी स्तर पर अलग ही नजर आती है। शहर के कई हिस्सों में आज भी खुले और छोटे नाले लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जब नाले पानी से भर जाते हैं, तो सड़क और नाले के बीच का फर्क मिट जाता है। इससे पैदल चलने वालों खासकर बच्चों के लिए खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि इस घटना में किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह हादसा इस बात को रेखांकित करता है कि खुले नालों को सुरक्षित बनाने और जलभराव की समस्या को दूर करने की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है।











