दिल्ली के कैलाश हिल्स में अधिकारी की बेटी की हत्या का खुलासा
दक्षिण दिल्ली के कैलाश हिल्स में एक IRS अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। इस जघन्य अपराध के आरोपी राहुल मीणा की पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे और भी भयावह हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ के दौरान कोई पछतावा नहीं दिखाया और सामान्य लहजे में कहा, “अगर दीदी पैसे दे देती तो यह घटना नहीं होती।” इस बयान ने पूरे मामले को और भी जटिल बना दिया है।
आरोपी की आपराधिक योजना और घर में सुरक्षा व्यवस्था का खुलासा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल मीणा ने पुलिस को बताया कि वह घर में दाखिल होने के लिए झूठ बोल रहा था कि उसे “आंटी” ने पैसे देने के लिए बुलाया था। वह पीड़िता की मां को इसी नाम से संबोधित करता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि IRS अधिकारी का परिवार उसके साथ अच्छा व्यवहार करता था और उसे हर महीने 20 हजार रुपये वेतन के साथ बोनस भी मिलता था। जांच में पता चला है कि आरोपी को घर की चार-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। हर मंजिल और लिफ्ट पर लॉक लगे थे, जिनमें से तीन पासकोड आधारित थे। आरोपी को ये कोड भी ज्ञात थे और वह जानता था कि नौकरों के लिए अतिरिक्त चाबी कहां छिपाई गई है।
हत्या का पूरा घटनाक्रम और आरोपी का आपराधिक इतिहास
आरोपी करीब आठ महीने तक इस घर में काम कर चुका था। लगभग डेढ़ महीने पहले, वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और ऑनलाइन गेमिंग व जुए का आदी था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को घर की सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ज्ञान था। 22 अप्रैल की सुबह, वह घर के बाहर इंतजार कर रहा था और जैसे ही परिवार जिम के लिए निकला, वह अंदर घुस गया।
पीड़िता इंजीनियरिंग की छात्रा थी और UPSC की तैयारी कर रही थी। वह छत पर बने स्टडी रूम में पढ़ रही थी। पुलिस के अनुसार, राहुल ने पहले पैसे मांगे, फिर मना करने पर लैम्प और भारी वस्तु से हमला किया। युवती बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो गई। इसके बाद, आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया।
हत्या के बाद, आरोपी ने पीड़िता को घसीटकर नीचे सेफ रूम तक लाया और खून से सने हाथों से लॉकर खोलने की कोशिश की, लेकिन बायोमेट्रिक सिस्टम काम नहीं कर सका। फिर उसने स्क्रूड्राइवर से लॉकर खोलने का प्रयास किया, जिसमें से नकदी और गहने निकाले। जांच में पता चला है कि आरोपी ने खून देखकर अपने कपड़े बदल लिए और पीड़िता के भाई की पैंट और चप्पल पहनकर शव को फर्श पर छोड़कर फरार हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की बर्बरता को प्रमाणित किया है, जिसमें मौत का कारण गला दबाना बताया गया है। शव कमर के नीचे निर्वस्त्र मिला है और शरीर पर कई चोटों के निशान भी पाए गए हैं।
अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि, दिल्ली आने से पहले, आरोपी ने अलवर में अपनी पड़ोसी महिला के साथ 12 घंटे तक दुष्कर्म किया था। FIR दर्ज होने के बाद वह फरार होकर दिल्ली पहुंचा और अगले ही दिन इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 12 टीमें गठित की थीं, और अंततः उसे द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपा हुआ था।










