नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को कोर्ट का नोटिस
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को दिल्ली हाई कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मिला है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया गया था।
हाई कोर्ट में ED की याचिका और सुनवाई का क्रम
जस्टिस मनोज जैन ने सोमवार 27 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अब यह मामला 10 सितंबर को सुना जाएगा। इस दौरान प्रतिवादियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने ED की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। ED की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में गंभीर गलती की है। उन्होंने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने दो महीने पहले ही जवाब दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय दिए जाने का विरोध नहीं किया।
ED के आरोप और कोर्ट का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य को ED की मुख्य याचिका पर नोटिस जारी किया था। साथ ही, ED ने 16 दिसंबर को ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की भी मांग की। ट्रायल कोर्ट का तर्क था कि एजेंसी की शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनन संभव नहीं है क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच किसी FIR पर आधारित नहीं थी। सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, यंग इंडियन, डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड और सुनील भंडारी को भी नोटिस जारी किया गया था।
ED का आरोप है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य ने साजिश रची और मनी लॉन्ड्रिंग की है। एजेंसी का दावा है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को हासिल किया गया। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करती थी। साथ ही, आरोप है कि सोनिया और राहुल गांधी की यंग इंडियन में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, और कंपनी ने 90 करोड़ रुपये के लोन के बदले AJL की संपत्तियों पर नियंत्रण हासिल किया। ट्रायल कोर्ट का तर्क था कि PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और शिकायत तभी संभव है जब संबंधित अपराध का FIR दर्ज हो। इसी आधार पर ED ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है।










