दिल्ली में भीषण गर्मी का कहर और तापमान का रिकॉर्ड
दिल्ली के नंद नगरी क्षेत्र में आज की ग्राउंड रिपोर्ट ने गर्मी की भयावह तस्वीरें सामने रखीं। थर्मल कैमरे से ली गई तस्वीरों में सड़कें और गाड़ियों की सतह का तापमान 65 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज हुआ, जबकि धूप में हवा का तापमान 48 डिग्री तक पहुंच गया। यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि राजधानी दिल्ली में गर्मी का प्रकोप कितनी तेजी से बढ़ रहा है।
गर्मी से प्रभावित गरीब परिवारों की स्थिति और झुग्गी बस्तियों का हाल
रिपोर्टिंग के दौरान टीम ने नंद नगरी की झुग्गियों में रहने वाली राजनीति विज्ञान की छात्रा अर्शी से बातचीत की। अर्शी वर्तमान में ‘गर्मी का खाता’ नामक डायरी बना रही हैं, जिसमें वह यह दर्ज कर रही हैं कि तेज गर्मी आम जनता, विशेषकर गरीब परिवारों की जिंदगी को किस तरह प्रभावित कर रही है। उनका कहना है कि प्रदूषण और पेड़ों की कटाई का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ता है, जिनके पास गर्मी से राहत पाने के सीमित संसाधन हैं।
अर्शी ने बताया कि पेड़ काटने वाले और प्रदूषण फैलाने वाले लोग अक्सर एयर कंडीशंड कमरों में आराम कर लेते हैं, लेकिन झुग्गियों में रहने वाले गरीब परिवारों को गर्मी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है। उनके पास गर्मी से बचने के कोई उपयुक्त साधन नहीं हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो जाती है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और गर्मी से राहत के उपाय
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और उत्तर भारत में अभी भी गर्मी से राहत मिलने के संकेत कम हैं। आने वाले दिनों में तापमान उच्च स्तर पर बना रह सकता है। इस ग्राउंड रिपोर्ट ने यह भी दिखाया कि पेड़ों की मौजूदगी आसपास के तापमान को काफी हद तक नियंत्रित कर सकती है, क्योंकि छाया प्रदान करने वाले पेड़ कई डिग्री तक राहत पहुंचा सकते हैं।











