दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: स्वास्थ्य विभाग में बदलाव
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवा को मजबूत और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के 40 से अधिक डॉक्टरों और अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय जनता के हित में और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
विजिलेंस छापेमारी के बाद उठाए गए कदम
यह कठोर कार्रवाई मुख्य रूप से हाल ही में विजिलेंस विभाग द्वारा CPA कार्यालय में की गई अचानक छापेमारी के बाद हुई है। इस छापेमारी के दौरान जांच टीम को दवाइयों की खरीद प्रक्रिया और एजेंसी के कार्यकलापों में कई गंभीर अनियमितताएं और कमियां मिली थीं। इन रिपोर्ट्स के आधार पर मुख्यमंत्री ने यह सख्त निर्णय लिया है, ताकि सरकारी सिस्टम में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
प्रभावित अधिकारियों में शामिल हैं वरिष्ठ डॉक्टर और प्रशासनिक कर्मचारी
इस निर्णय का असर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर भी पड़ा है। ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों में CPA के प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा सहित दस वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है। इसके अलावा, प्रशासनिक स्तर पर तैनात दस अन्य कर्मचारियों जैसे सेक्शन ऑफिसर, सीनियर असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट को भी बदला गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य और सरकारी कार्य में किसी भी तरह की भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










