दिल्ली में पहली बार इस सर्दी में कोल्ड डे दर्ज, घने कोहरे और खराब हवा ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली में इस वर्ष का पहला कोल्ड डे बुधवार को देखा गया, जिसमें तापमान में गिरावट और घने कोहरे ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। अधिकतम तापमान 13 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट और कोहरे का असर
मौसम के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पालम में यह केवल 13 डिग्री तक पहुंचा, जो सामान्य से लगभग 5.7 डिग्री कम था। लोधी रोड पर तापमान 15.8 डिग्री, रिज क्षेत्र में 14.9 डिग्री और अयानगर में 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो ये सभी स्थान लगभग 7.6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहे, जबकि पालम में यह 6.5 डिग्री तक गिर गया। सुबह के समय आर्द्रता का स्तर 100 प्रतिशत था, जो शाम को घटकर 91 प्रतिशत रह गया।
मौसम विभाग की चेतावनी और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह घने कोहरे की चेतावनी जारी की है और येलो अलर्ट भी घोषित किया है। आने वाले दिनों में तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी के साथ अधिकतम तापमान लगभग 16 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। कोल्ड डे की स्थिति अभी भी बनी रहने की आशंका है, जिससे ठंड का प्रकोप जारी रह सकता है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में गिरावट और प्रदूषण का स्तर
इस बीच, दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। यह आंकड़ा सोमवार के 244 AQI से काफी अधिक है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 27 स्टेशनों पर AQI बहुत खराब, 10 पर खराब और एक पर मध्यम श्रेणी दर्ज की गई है। मुंडका में सबसे अधिक AQI 369 रिकॉर्ड किया गया है।
प्रदूषण का मुख्य कारण और भविष्य की स्थिति
प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र का रहा है, इसके बाद बाहरी औद्योगिक इकाइयां और आवासीय स्रोत भी प्रदूषण फैलाने में सहायक हैं। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, आने वाले 7 से 9 जनवरी तक दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में बनी रह सकती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन जरूरी हो गया है।











