लाल किले के पास धमाके की जांच में नए खुलासे
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य प्रकाश में आ रहे हैं। इस संदर्भ में उस आई20 कार की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें धमाका हुआ था। यह कार बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करते समय सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
धमाके से पहले कार का रहस्यमय बोनट खुला क्यों था?
धमाके वाली कार की तस्वीरों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि डॉक्टर उमर की कार का बोनट पूरी तरह बंद नहीं था, बल्कि थोड़ा खुला हुआ था। इससे यह आशंका उठती है कि क्या कार के पीछे के हिस्से के अलावा इंजन में भी विस्फोटक छुपा था। फिलहाल, माना जा रहा है कि विस्फोटक कार के पिछले हिस्से में था, लेकिन खुला बोनट इस बात पर संदेह पैदा करता है। इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी से बम को आसानी से विस्फोटित किया जा सकता है।
तीन घंटे तक कार पार्किंग में खड़ी रही
धमाके के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर को दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर लाल किले की सुनहरी मस्जिद पार्किंग की एंट्री गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में देखा गया। इसी समय वह आई20 कार के साथ वहां पहुंचा था। यह कार लगभग तीन घंटे तक लाल किले के पास पार्किंग में खड़ी रही। शाम 6 बजकर 48 मिनट पर उमर ने उसे पार्किंग से बाहर निकाला। इसके चार मिनट बाद ही नेताजी सुभाष मार्ग पर लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक पर धमाका हो गया।
बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करते समय सीसीटीवी में कैद
बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में आते समय भी इस कार को सीसीटीवी कैमरों में देखा गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, बदरपुर बॉर्डर से लाल किले की सुनहरी मस्जिद पार्किंग तक और आउटर रिंग रोड से कश्मीरी गेट से लालकिले के रूट पर कई सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की गई है। लगभग 200 पुलिस कर्मियों ने इन फुटेज को विभिन्न रूट्स पर खंगाला है। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों से करीब 13 व्यक्तियों को शक के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है।
धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक का पता लगाने की कोशिशें जारी
इतने बड़े धमाके के लिए किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, इसकी जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फरीदाबाद क्राइम ब्रांच और जम्मू-कश्मीर पुलिस से विस्फोटक की जानकारी मांगी है। शुरुआती जांच में अमोनियम नाइट्रेट का शक जताया गया है, लेकिन फॉरेंसिक लैब (FSL) की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोटक किस प्रकार का था। आज ही FSL की पहली रिपोर्ट जारी हो सकती है।
आशंका है कि ANFO का इस्तेमाल हुआ है
एजेंसियों का मानना है कि धमाके के लिए एनएफओ यानी अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑइल का प्रयोग किया गया है। दिल्ली पुलिस को संदेह है कि फरीदाबाद में डॉक्टर मुजम्मिल की मदद से स्लीपर सेल ने इस विस्फोटक को जुटाया। पुलिस अब मुजम्मिल के मददगारों की तलाश में जुटी है। फरीदाबाद पुलिस जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी कर रही है। इस धमाके के पीछे फरीदाबाद मॉड्यूल का हाथ माना जा रहा है, और तारिक तथा आमिर को पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया है।










