दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर, AQI 490 पार
दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है, जहां रविवार सुबह कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 490 से ऊपर पहुंच गया है। इस खतरनाक स्तर के कारण हवा को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जा रहा है। स्थिति को देखते हुए केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्तर चार लागू कर दिया है। इस वजह से राजधानी के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम की भूमिका और प्रदूषण में तेजी से वृद्धि
प्रदूषण में अचानक हुई इस तेज वृद्धि के पीछे मौसम का अहम योगदान माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की गति बहुत कम हो गई है, जिससे प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे रह गए हैं। इसी वजह से शनिवार को स्थिति और भी बिगड़ गई और जहरीली धुंध ने राजधानी को पूरी तरह से ढक लिया है।
कोहरे का असर और प्रदूषण नियंत्रण के कदम
आज दिल्ली में इस साल का सबसे घना कोहरा देखा गया है, जिसने शहर के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। दृश्यता इतनी कम हो गई कि अक्षरधाम मंदिर भी नजरों से ओझल हो गया और कई इलाकों में सड़कों पर कुछ ही मीटर की दूरी तक ही देख पाना संभव रहा। खासतौर पर अक्षरधाम के आसपास तो 50 मीटर से अधिक दूर देखना भी मुश्किल हो गया है।
कोहरे के कारण वायु प्रदूषण की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। पूरे दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे की चादर फैली हुई है, हालांकि नोएडा और गाजियाबाद की तुलना में दिल्ली का कोहरा अधिक घना नजर आ रहा है।
स्थिति को ध्यान में रखते हुए CAQM ने शनिवार को तत्काल प्रभाव से GRAP-IV लागू कर दिया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण कार्य, तोड़फोड़, मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर और टाइलिंग जैसे काम पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, रैडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश का परिवहन भी रोक दिया गया है ताकि धूल प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि सोमवार से हवा की गति में थोड़ी सुधार हो सकती है, जिससे प्रदूषण में मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर खतरनाक
वहीं, नोएडा की वायु गुणवत्ता भी बहुत खराब हो गई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 772 तक पहुंच गया है, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। यहां PM2.5 का स्तर 462 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 649 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया है, जो सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक है।
कई इलाकों में स्थिति और भी गंभीर रही, जैसे पार्क्स लॉरेट में AQI 963 तक पहुंच गया, जबकि मगुन मॉडर्न और नगली बहारपुर में AQI 700 से ऊपर दर्ज किया गया। घना कोहरा, 94 प्रतिशत नमी और कम हवा की रफ्तार ने प्रदूषण को और भी बढ़ा दिया है। यह स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गई है।











