दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में पहुंची
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिवाली से पहले ही वायु प्रदूषण का स्तर अत्यंत खतरनाक हो चुका है। शनिवार की सुबह औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 254 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है। खासतौर पर आनंद विहार (390), वज़ीरपुर (351) और जहांगीरपुरी (342) जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। इन इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे जहरीले कण मानक सीमा से कई गुना अधिक पाए गए हैं, जो सांस लेने में गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं।
प्रदूषण के मुख्य कारण और मौजूदा स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं, सड़कों से निकलने वाला धुआं और हवा की धीमी गति मिलकर वायु प्रदूषण को और बढ़ा रहे हैं। पहले ही ग्रेप (GRAP) का पहला चरण लागू है, लेकिन इसके बावजूद वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। आने वाले दो दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है। दिवाली के त्योहार के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
सावधानियों और प्रदूषण से बचाव के उपाय
सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान केवल ग्रीन पटाखों की अनुमति दी है, लेकिन यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो वायु प्रदूषण और भी खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में वायु प्रदूषण हर दिन लगभग 5.6 सिगरेट पीने के बराबर नुकसानदायक है। इसलिए, घर के अंदर रहना और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखना जरूरी है ताकि बाहर के जहरीले धुएं से बचा जा सके। घर में एयर प्यूरीफायर या पोर्टेबल एयर कंडीशनर का इस्तेमाल हवा को शुद्ध रखने में मदद करता है। बाहर निकलते समय एन95 मास्क या उससे बेहतर मास्क पहनना अनिवार्य है, जो पीएम 2.5 और अन्य जहरीले कणों से सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रदूषण से बचाव के लिए ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दी है। दिवाली के दौरान वाहनों का कम से कम उपयोग करें, क्योंकि अधिक गाड़ियों का चलना वायु प्रदूषण को और बढ़ाता है। शरीर को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, जिससे फेफड़ों की सफाई बनी रहती है और शरीर डिहाइड्रेट नहीं होता। साथ ही, घर में पौधे लगाना भी एक प्रभावी उपाय है, जो हवा को शुद्ध करने में मदद करते हैं।











