दिल्ली में प्याज की कीमतें नियंत्रित करने की सरकार की योजना
दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने राहत प्रदान करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। नासिक से आई विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ 456 मीट्रिक टन प्याज लेकर राजधानी पहुंच चुकी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बाजार में प्याज की कीमतों को स्थिर करना है।
प्याज की आपूर्ति और कीमतें नियंत्रित करने के उपाय
दिल्ली पहुंचने के बाद इस प्याज को नौ प्रमुख केंद्रीय भंडारों में भेजा जाएगा। इसके बाद शहर के 40 चिन्हित स्थानों पर मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी, जिनके माध्यम से आम जनता को प्रति किलो 35 रुपये की दर से प्याज उपलब्ध कराई जाएगी।
आम जनता को राहत देने के लिए सरकार की विस्तृत योजना
सरकार की योजना सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। इस प्याज की खेप उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ विशिष्ट इलाकों में भी भेजी जाएगी, ताकि इन राज्यों के निवासियों को भी महंगाई से राहत मिल सके। दिल्ली सरकार ने भी प्याज की कीमतों और उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संबंध में समीक्षा बैठक की, जिसमें बताया गया कि दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति हो रही है और फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है।
यदि जरूरत पड़ी, तो केंद्र सरकार की संस्था NAFED से प्याज और चीनी की खरीद की जाएगी, और इन्हें विभिन्न इलाकों में उपलब्ध कराया जाएगा। परिवहन और अन्य संबंधित खर्चें दिल्ली सरकार वहन करेगी, ताकि जनता को उचित कीमत पर जरूरी सामान मिल सके। बैठक में कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे, और सरकार ने स्पष्ट किया कि बाजार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार कदम उठाए जाएंगे।











