मुंबई-आहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति और अनुमानित समयसीमा
मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल निर्माण कार्य जुलाई 2026 के अंत तक लगभग 62.16 प्रतिशत पूरा हो चुका है, यह जानकारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने आरटीआई के तहत प्राप्त जवाब में दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अंतिम डिलीवरी की संभावित तिथि या वर्ष के बारे में पूछे जाने पर, NHSRCL ने स्पष्ट किया कि सभी ठेके और ट्रेनसेट की आपूर्ति पूरी होने के बाद ही इसकी अंतिम समयसीमा का अनुमान लगाया जा सकता है। यह जानकारी 17 अगस्त 2026 को दाखिल आरटीआई आवेदन के जवाब में 21 सितंबर 2026 का दी गई है।
प्रोजेक्ट के तहत 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए आवश्यक 1,389.49 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली की 959.04 हेक्टेयर और महाराष्ट्र की 430.45 हेक्टेयर जमीन शामिल है। इस परियोजना की प्रगति के साथ ही निर्माण कार्य की स्थिति भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसकी समयसीमा के करीब पहुंचने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और सुरंगों का विकास
आरटीआई के अनुसार, 366 किलोमीटर वायाडक्ट पर गर्डर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि लगभग 380 किलोमीटर के लिए गर्डर ढाले गए हैं। इसके अलावा, 459.90 किलोमीटर में नींव का कार्य पूरा हो चुका है और 455.10 किलोमीटर में पियर का निर्माण भी संपन्न हो चुका है। गुजरात के सभी स्टेशनों पर नींव और ऊपरी ढांचे का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि वहां फिनिशिंग का काम जारी है। महाराष्ट्र में भी स्टेशनों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
परियोजना में 21 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण शामिल है, जिसमें से सात किलोमीटर समुद्र के नीचे होगी। NHSRCL के अनुसार, टनल बोरिंग मशीन से सुरंग का निर्माण किया जा रहा है, और न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से बनाई जा रही इस सुरंग का 4.88 किलोमीटर हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है। आठ पहाड़ी सुरंगों में से चार की खुदाई पूरी हो चुकी है।
ट्रैक, डिपो और ट्रेनसेट का विकास
संबंधित जानकारी के अनुसार, साबरमती डिपो का 32.28 प्रतिशत और ठाणे डिपो का 17.23 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। 27 अगस्त 2026 तक, 97 रूट किलोमीटर ट्रैक स्लैब बिछाए जा चुके थे, जिसमें CAM इंजेक्शन भी शामिल है।
इसी बीच, चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने इस कॉरिडोर के लिए दो हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, निर्माण और कमीशनिंग का ऑर्डर BEML को दिया है। NHSRCL ने पुष्टि की है कि पहले ट्रेनसेट का निर्माण शुरू हो चुका है। वर्तमान में, मुंबई-आहमदाबाद लाइन ही उसकी एकमात्र स्वीकृत हाई-स्पीड रेल परियोजना है, जिस पर निर्माण कार्य जारी है।









