लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण नोटिस दायर किया है। इस नोटिस में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसदीय नियमों का उल्लंघन किया है, जिसमें उन्होंने “असंसदीय” भाषा का प्रयोग किया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बिना पूर्व सूचना के गंभीर आरोप लगाए।
ठाकुर ने स्पीकर से आग्रह किया कि इस मामले को स्वीकार किया जाए और यदि आवश्यक हो तो इसे नियम 227 के तहत विशेषाधिकार समिति को भेजकर विस्तृत जांच कराई जाए। यह नोटिस उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जो राहुल गांधी ने 29 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान की थीं। उस समय वे NEET पेपर लीक और दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चर्चा कर रहे थे।
राहुल गांधी पर नियम 353 का उल्लंघन का आरोप
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नियम 353 का उल्लंघन किया है, जिसमें सदस्यों को मानहानि करने वाले या दोषी ठहराने वाले आरोप लगाने से पहले उचित सूचना देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गांधी ने बिना किसी पूर्व सूचना या दस्तावेजी सबूत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए, जिससे शाह को जवाब देने का अवसर नहीं मिला।
सांसदीय नियमों के अनुसार, इस तरह के आरोप लगाने से पहले संबंधित व्यक्ति को सूचित करना जरूरी है ताकि वह अपने पक्ष में जवाब दे सके। ठाकुर ने यह भी दावा किया कि गांधी ने अपने दावों का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेज या सबूत प्रस्तुत नहीं किए।
संसदीय नियमों का उल्लंघन और जांच की मांग
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने एक छात्र के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए “इडियट” और “अंधभक्त” जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, जो नियम 352 का उल्लंघन है। इन टिप्पणियों को संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ माना गया है, क्योंकि ये सदन के बाहर की बातें हैं और सदन की गरिमा को नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इन टिप्पणियों को बहस के दायरे से बाहर माना जाना चाहिए और समाज के कुछ वर्गों को बदनाम करने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया है। इस संदर्भ में, अनुराग ठाकुर ने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे इस मामले को विशेषाधिकार का उल्लंघन मानें और इसकी जांच के लिए प्रिविलेज कमिटी को भेजें।










