स्पीडबोट दुर्घटना में अरबपति की मदद का खुलासा
रमंड के मालिक गौतम सिंघानिया से जुड़ी स्पीडबोट दुर्घटना के बाद एक स्थानीय अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वे किसी अरबपति की सहायता कर रहे हैं। यह हादसा 21 मार्च को फेलिधू द्वीप के पास हुआ, जब सात यात्रियों को लेकर जा रही तेज रफ्तार नाव पलट गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया, “मुझे ज्ञात नहीं था कि मैं किसी अरबपति को बचा रहा हूं।”
मदद के दौरान सामान्य नागरिक समझकर सहायता दी गई
वाव एटोल काउंसिल के अध्यक्ष शुजाउ अली ने बताया कि सुबह-सुबह उन्हें मदद के लिए कॉल प्राप्त हुआ, जिसके बाद वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उस समय सभी को सामान्य नागरिक मानकर ही सहायता प्रदान की गई। इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने राहत कार्यों में तेजी लाई।
हादसे में घायल और लापता यात्रियों का हाल
हादसे में गौतम सिंघानिया को मामूली चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में उपचार के बाद अगले दिन छुट्टी दे दी गई। उनके साथ एक ब्रिटिश नागरिक भी भारत लौट आया। नाव में सवार दो महिलाएं (एक ब्रिटिश और एक रूसी) और पांच भारतीय शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के दौरान पांच लोग समुद्र में गिर गए थे। सिंघानिया को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन भारतीय रैली ड्राइवर हरी सिंह और नौकायन विशेषज्ञ महेश रामचंद्रन अभी भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि महेश रामचंद्रन ही उस लक्जरी यॉट के कप्तान थे। स्थानीय प्रशासन ने लापता लोगों की खोज के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिसमें गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है। अभी तक दोनों लापता व्यक्तियों का कोई सुराग नहीं मिला है।











