भारत मंडपम का महत्व और वैश्विक मंचों में भूमिका
दिल्ली का भारत मंडपम, जो 2023 में G20 सम्मेलन के माध्यम से विश्व के सामने आया था, अब 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य है मजबूत, नवाचारी, सहयोगी और सतत विकास पर केंद्रित है।
यह भी उल्लेखनीय है कि G20 के बाद अब इसी स्थल पर BRICS सम्मेलन का आयोजन होना खास है, क्योंकि दोनों मंचों की प्रकृति में स्पष्ट भिन्नता है। G20 विश्व की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है, जबकि BRICS को उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ की आवाज के रूप में देखा जाता है। इस तरह भारत मंडपम ने वैश्विक कूटनीति के केंद्र में अपनी जगह बना ली है, जहां अब बड़े और स्थायी अंतरराष्ट्रीय आयोजन होते हैं।
प्रगति मैदान से भारत मंडपम का परिवर्तन और इसकी वैश्विक भूमिका
भारत मंडपम की कहानी दिल्ली के प्रगति मैदान के बदलते स्वरूप की कहानी भी है। लंबे समय तक यह स्थल भारत के सबसे बड़े प्रदर्शनी केंद्र के रूप में जाना जाता था, जहां व्यापार मेलों और पुस्तक मेले का आयोजन होता था। लेकिन अब यह स्थल केवल प्रदर्शनियों का केंद्र नहीं रहा, बल्कि विश्व नेताओं की बैठकें और बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी यहां आयोजित होते हैं।
किसी देश की शक्ति उसकी सेना या आर्थिक स्थिति से ही नहीं मापी जाती, बल्कि उसकी वैश्विक मंच पर सफलतापूर्वक मेजबानी करने की क्षमता भी उसकी ताकत का संकेत है। भारत मंडपम इसी क्षमता का उदाहरण बन चुका है। यहां बड़े सम्मेलन के लिए मजबूत सुरक्षा, मीडिया सुविधाएं, हजारों प्रतिनिधियों के लिए व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी और पास में होटल व ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की आवश्यकता होती है, जो इस स्थल ने पूरी कर दी है।
आधुनिकता, सुरक्षा और भारत मंडपम की बढ़ती भूमिका
भारत मंडपम के तेजी से महत्वपूर्ण बनने के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, इसका अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो बड़े आयोजनों और प्रदर्शनी दोनों को एक साथ संभालने में सक्षम है। दूसरा, इसकी लोकेशन दिल्ली में है, जो देश की राजनीतिक राजधानी होने के साथ-साथ सरकार, विदेशी दूतावास, बड़े होटल और एयरपोर्ट के नजदीक है। तीसरा, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन का अनुभव भी इस स्थल को खास बनाता है, खासकर G20 जैसे बड़े आयोजन के बाद। चौथा, भारत की ब्रांडिंग के तौर पर इसे भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का मेल बताया गया है, ताकि विदेशी प्रतिनिधि भारत की नई छवि देख सकें।
गुजरते समय के साथ भारत मंडपम की भूमिका केवल एक आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रही। यहां लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्यापारिक आयोजन और प्रदर्शनियां हो रही हैं। अगस्त 2026 में भी यहां बड़े व्यापारिक आयोजन हुए, जिनमें भारत की औद्योगिक क्षमता का प्रदर्शन किया गया। साथ ही अगस्त में ही BRICS देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी हुई, जिसमें पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे स्पष्ट है कि भारत मंडपम अब केवल नेताओं की वार्षिक बैठक का मंच नहीं, बल्कि वैश्विक सहयोग के निरंतर चलने वाले कार्यक्रमों का केंद्र बन चुका है।









