अन्ना हजारे का AAP छोड़ने वाले नेताओं पर बयान
अन्ना हजारे ने राघव चड्ढा और अन्य सांसदों के आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ती, तो यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने यह भी माना कि पार्टी के अंदर कुछ समस्याएं रही होंगी, जिनके कारण नेताओं ने यह कदम उठाया। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह पार्टी के भविष्य और उसकी स्थिरता पर सवाल खड़े करता है।
राघव चड्ढा का दावा और पार्टी छोड़ने का कारण
राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने बीजेपी (BJP) में शामिल होने से पहले दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। चड्ढा ने दावा किया कि AAP के लगभग दो तिहाई सांसद (सांसदों की संख्या) ने पार्टी छोड़ दी है। हालांकि, अभी तक केवल तीन सांसदों ने ही बीजेपी (BJP) का दामन थामा है। इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह पार्टी के अंदरूनी संकट का संकेत है।
यह स्थिति क्यों है AAP के लिए चिंता का विषय?
आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना 2012 में हुई थी, और अब इसे केवल 14 साल ही हुए हैं। इस कम समय में ही पार्टी ने दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में सत्ता हासिल कर ली है। वर्तमान में पंजाब में उसकी सरकार भी है। लेकिन जब पार्टी के 10 में से 7 सांसद एक साथ पार्टी छोड़ने की बात करें और उस पार्टी के जन्मदाता अन्ना हजारे भी कहें कि यह गलती पार्टी की है, तो यह AAP के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। यह स्थिति पार्टी की स्थिरता और भविष्य के लिए चिंता का विषय बन गई है।











