सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी को झटका
आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने आरोप लगाया कि अब ‘AAP’ का मुखौटा उतर चुका है और यह पार्टी केवल धनकुबेरों का समूह बनकर रह गई है।
संपत्तियों के आधार पर बीजेपी में शामिल सांसदों का विश्लेषण
अजय माकन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इन सात सांसदों की औसत संपत्ति 818 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सुशील गुप्ता ने कांग्रेस छोड़ते समय ही संकेत दे दिया था कि उनकी ‘AAP’ के साथ समझौता हो चुका है और उन्हें राज्यसभा सीट मिल जाएगी। माकन ने केजरीवाल के पुराने अंदाज में ही उन पर निशाना साधते हुए कहा, “केजरीवाल की भाषा में कहूं तो- सब मिले हुए हैं जी।” साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि ‘AAP’ ने पंजाब में अलगाववादी तत्वों से भी पैसा लिया है, जो इसे देश विरोधी बनाता है।
राज्यसभा में बदलाव और पार्टी की प्रतिक्रिया
राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आधिकारिक तौर पर इन सात सांसदों के बीजेपी में विलय को स्वीकार कर लिया है। अब राज्यसभा की वेबसाइट पर राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता के नाम बीजेपी सदस्यों की सूची में दिखाई दे रहे हैं। इस बदलाव के साथ ही उच्च सदन में ‘AAP’ की संख्या घटकर तीन रह गई है, जबकि बीजेपी की ताकत बढ़कर 113 हो गई है। सांसदों ने शुक्रवार को इस विलय की याचिका दी थी, जिसे सोमवार को मंजूरी मिल गई। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इस टूट को अपने सिद्धांतों के साथ गद्दारी करार दिया है। ‘AAP’ सांसद संजय सिंह ने सभापति को पत्र सौंपकर इन सात सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। वहीं, बीजेपी में शामिल हुए सांसदों का तर्क है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने मूल नैतिक मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है।










