दिल्ली के होटल में भीषण आग से दर्दनाक मौतें
दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल में हुई आगजनी ने कई लोगों के जीवन को संकट में डाल दिया है। इस हादसे में कई दुखद कहानियां सामने आई हैं, जिनमें से एक कहानी ऐसी है जिसने सभी को भावुक कर दिया। अफ्रीकी मूल के एक दंपती, जो परिवार बनाने का सपना लेकर दिल्ली आए थे, मौत के समय भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ सके। आग और धुएं के बीच दोनों ने अपनी अंतिम सांसें एक-दूसरे की बाहों में लीं।
होटल में लगी भीषण आग और अफ्रीकी दंपती की अंतिम पल
बुधवार को हौज रानी इलाके में स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में लगी आग में कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इनमें वह अफ्रीकी दंपती भी था, जो दिल्ली के एक अस्पताल में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) उपचार करा रहा था और उसी दौरान होटल में ठहरा हुआ था। जब बचाव दल अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था, तब ग्राउंड फ्लोर के एक बाथरूम में यह दंपती मिला। बताया जाता है कि दोनों ने आग और धुएं से बचने के लिए बाथरूम में शरण ली थी, लेकिन धुआं उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दे पाया।
आग में फंसे दोनों की आखिरी क्षणों की कहानी
मैक्स स्मार्ट अस्पताल के ड्यूटी इंचार्ज वसीम राजा के अनुसार, महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास ही एक कुर्सी पर था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था, महिला का सिर उसके पति के कंधे पर था और दोनों की बाहें एक-दूसरे के चारों ओर लिपटी हुई थीं। जब बचाव दल ने उनके नब्ज और सांसों की जांच की, तो पता चला कि दोनों की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई है। वसीम राजा ने बताया कि इस दृश्य को उन्होंने अपने करियर में पहले कभी नहीं देखा। दोनों ने अंतिम समय तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा, जो इस दर्दनाक हादसे की भयावहता को दर्शाता है।










