आनंद मोहन की राजनीतिक स्थिति में गिरावट
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह वर्तमान में राजनीतिक क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत नहीं बना पा रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके हालिया बयानों पर खुलकर आपत्ति जताई है। दरअसल, अपने पुत्र चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने के बाद आनंद मोहन ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू के वरिष्ठ नेताओं के सम्मान से जोड़ने का प्रयास किया, जो अब उल्टा ही साबित हो रहा है।
बेटे को मंत्रिमंडल में स्थान न मिलने का विवाद और उसकी प्रतिक्रिया
यह विवाद तब शुरू हुआ जब आनंद मोहन ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त की कि चेतन आनंद को सरकार में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि जदयू को स्थापित करने वाले नेता नीतीश कुमार को वह वह सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से “जिंदा दफन” कर दिया गया है।
नीतीश की तस्वीर को लेकर उठे सवाल और राजनीतिक संकेत
आनंद मोहन ने शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार की तस्वीर प्रमुखता से न दिखने का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि उनके करीबी नेता इस पर चुप क्यों हैं। उनका यह बयान यह संकेत देने का प्रयास था कि उनकी चिंता सिर्फ बेटे के राजनीतिक भविष्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नीतीश कुमार की गरिमा और विरासत को लेकर भी चिंतित हैं।









