दिल्ली में सबसे बड़ा एनकाउंटर: बिहार के अपराधी गैंग का अंत
रात्रि का सन्नाटा अचानक गोलियों की आवाज़ में बदल गया, जब दिल्ली की सड़कों पर एक बड़े मुठभेड़ की शुरुआत हुई। यह घटना राजधानी के रोहिणी क्षेत्र में बहादुर शाह जफर रोड और डॉ. अंबेडकर चौक के पास हुई, जहां बिहार के सीतामढ़ी से जुड़े अपराधी रंजन पाठक और उसके गैंग का अंत हुआ। इस मुठभेड़ को देश की राजधानी में अब तक का सबसे बड़ा पुलिस अभियान माना जा रहा है, जिसमें अपराधियों का खात्मा किया गया।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम और पुलिस का अभियान
सुबह जब फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, तो दृश्य किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। चारों ओर पुलिस की गाड़ियां, लाल-बत्तियों की चमक, जमीन पर पड़े कारतूस और एक सफेद कार खड़ी थी, जिसमें चार अपराधी बैठे थे। ये अपराधी बिहार, झारखंड, यूपी और दिल्ली जैसे कई राज्यों में अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए जाने जाते थे। रात करीब 1 बजे दिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने इन अपराधियों का पीछा किया।
जैसे ही अपराधियों की कार नजर आई, पुलिस ने पीछा शुरू कर दिया। अपराधी अपनी रफ्तार तेज कर रास्ते बदलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। आखिरी प्रयास में अपराधियों ने कार को डिवाइडर पर चढ़ाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गोलीबारी में वे चारों मारे गए। इस मुठभेड़ में पुलिस के चार जवान भी घायल हुए, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की मदद से वे सुरक्षित रहे।
अपराधियों का नेटवर्क और पुलिस की जांच
रंजन पाठक का गैंग सिर्फ एक सामान्य अपराधी समूह नहीं था, बल्कि यह एक अपराध ब्रांड की तरह था। इस गैंग का नाम सिग्मा एंड कंपनी था, जो हत्या, लूट, रंगदारी, फिरौती और हथियार तस्करी जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल था। पुलिस के अनुसार, रंजन अपने हर अपराध को सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, मानो वह कोई उपलब्धि हो। बिहार, झारखंड, यूपी और दिल्ली में उसकी तलाश थी।
दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि यह ऑपरेशन दिल्ली और बिहार पुलिस का संयुक्त प्रयास था। पुलिस को पहले से ही इन अपराधियों की मूवमेंट की जानकारी थी। जैसे ही उनकी सफेद कार नजर आई, पीछा शुरू हुआ और अंत में गोलीबारी में चारों अपराधी मारे गए। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में उनके चार जवान भी घायल हुए, लेकिन वे सुरक्षित हैं।
पुलिस अब इन अपराधियों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह बिहार में रंगदारी और हत्या के मामलों के बाद दिल्ली आया था और यहां किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहा था। उनके पास से कई अवैध हथियार, मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस इन सभी डिजिटल ट्रेल्स और फोन रिकॉर्ड्स की मदद से बाकी सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।










