बिहार में सरकारी आवास को लेकर नया विवाद सामने आया
बिहार की राजनीति में एक नई बहस उस समय शुरू हो गई जब एक सरकारी आवास की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे। मंत्री लखेंद्र पासवान ने पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव द्वारा खाली किए गए सरकारी बंगले की खराब स्थिति का खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगले में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है और इसकी हालत बहुत ही खराब है।
मंत्री का आरोप और बंगले की स्थिति
मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि जब उन्होंने अपने आवंटित बंगले का निरीक्षण किया, तो वह हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि बंगले से पंखा, कुर्सी, एयर कंडीशनर और बल्ब जैसे जरूरी उपकरण गायब हैं। साथ ही, बंगले की छत भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे यह रहने योग्य नहीं रह गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक वह इस बंगले में रहने का विचार नहीं कर सकते।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज, जांच का इंतजार
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है। अभी तक तेजप्रताप यादव या उनके समर्थकों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब यह देखना बाकी है कि भवन निर्माण विभाग इस मामले में क्या निष्कर्ष निकालता है और प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल, यह विवाद राजधानी की राजनीति में गर्माहट पैदा कर रहा है।









