बिहार में नई एनडीए सरकार का बहुमत परीक्षण
बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार 24 अप्रैल को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी। यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी अपने सरकार की ताकत का प्रदर्शन करेंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर वे अपनी सरकार की स्थिरता और समर्थन का प्रमाण प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री पद संभालने का ऐतिहासिक क्षण
नीतीश कुमार ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। अब वे केंद्रीय राजनीति में अपनी नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। 10 अप्रैल को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली, जिससे बिहार में उनके लंबे शासनकाल का अंत हो गया। इसके बाद बीजेपी और जेडीयू (JD-U) गठबंधन ने सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना। 15 अप्रैल को उन्होंने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया। यह पल बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था, क्योंकि वे बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।
राजनीतिक करियर और प्रभाव
सम्राट चौधरी लगभग तीन दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं, हालांकि उन्होंने करीब नौ साल पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा था। उनकी इस उन्नति को राज्य में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव और नई रणनीतियों के रूप में देखा जा रहा है। आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी से उनके आवास पर मुलाकात की। सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने लिखा, “जननेता, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का आज मेरे सरकारी आवास पर आगमन हुआ। उनका अभिवादन स्वीकार कर मार्गदर्शन प्राप्त किया।”









