बिहार में नई सरकार की घोषणा और सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री पद
बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच बीजेपी नेता सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की गई है। मंगलवार को पटना में आयोजित पार्टी की बैठक में उनके नाम का ऐलान किया गया। इस खबर के साथ ही उनके पैतृक गांव मुंगेर के तारापुर के लखनपुर में जश्न का माहौल बन गया है।
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से उत्साह और पुरानी यादें
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की खबर सुनते ही उनके बचपन के मित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जिन्होंने उनके साथ पढ़ाई और क्रिकेट खेली है, उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए पुराने दिनों को याद किया। उनके दोस्तों का कहना है कि लखनपुर में उस समय केवल एक ही मदरसा था, जिसमें सम्राट सहित कई बच्चे पढ़ते थे। खास बात यह है कि इस मदरसे में हिंदी, उर्दू और संस्कृत की पढ़ाई होती थी।
मदरसों और क्रिकेट के साथ बचपन की यादें
उनके मित्र बताते हैं कि सम्राट चौधरी उर्दू के अक्षर अलिफ, बे, ते भी पढ़ा करते थे। यह भी कहा जाता है कि सिर्फ सम्राट ही नहीं, बल्कि हिंदू और मुस्लिम धर्म के बच्चे भी इस मदरसे में पढ़ते थे। सम्राट 57 वर्ष के हैं और मुंगेर के तारापुर से बीजेपी के विधायक हैं। उनके दोस्तों का कहना है कि बचपन में वे पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट में भी अव्वल थे। उनके पिता शकुनि चौधरी चाहते थे कि उनका बेटा अच्छा क्रिकेटर बने। पुराने दिनों को याद करते हुए उनके मित्र कहते हैं कि क्रिकेट के कारण उन्हें कभी-कभी डांट भी पड़ती थी, लेकिन उनमें कभी नफरत नहीं हुई। आज भी जब वे अपने पुराने मित्रों से मिलते हैं, तो वहां का माहौल भाईचारे का ही होता है।









