समस्तीपुर रेलवे मंडल में टिकट जांच अभियान से रिकॉर्ड राजस्व प्राप्ति
समस्तीपुर (Samastipur) रेलवे मंडल ने अप्रैल से मई के बीच चलाए गए विशेष टिकट चेकिंग अभियान के दौरान अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस अभियान के तहत एक लाख से अधिक यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा गया, जिससे रेलवे को भारी आर्थिक लाभ हुआ है। इस दौरान जुर्माने के रूप में लगभग 13 करोड़ 65 लाख रुपये की वसूली की गई है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान मंडल के विभिन्न स्टेशनों और रेल मार्गों पर लगातार चलाया गया, जिससे बिना टिकट यात्रा करने वालों में हड़कंप मच गया। टिकट काउंटरों पर यात्रियों की भीड़ में भी वृद्धि देखी गई है, जो नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
विशेष टिकट चेकिंग अभियान से रेलवे की आय में वृद्धि और यात्री जागरूकता
इस मेगा टिकट चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना और अनधिकृत यात्रा को रोकना था। रेलवे प्रशासन का मानना है कि इस अभियान ने न केवल रेलवे की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि यात्रियों में भी नियमों का सम्मान करने का संदेश फैलाया है।
अभियान के दौरान करीब 233 कर्मचारी और आरपीएफ जवानों की टीम ने दिनभर लगभग 16 घंटे तक ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन जांच की। इस विशेष अभियान को ‘लाल गाड़ी’ अभियान के नाम से भी जाना जाता है, जिसने बिना टिकट यात्रा करने वालों में भय का माहौल बना दिया है। इससे टिकट काउंटरों पर यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है, जिससे रेलवे को अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।
सख्त कार्रवाई और पुरस्कार से प्रेरित कर्मचारी
इस अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग स्टाफ को रेलवे अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि रेलवे को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना टिकट यात्रा के खिलाफ यह अभियान सख्ती से चलता रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। इस तरह के कदम यात्रियों में नियम पालन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने और रेलवे की आय को मजबूत करने में सहायक हैं।









