भागलपुर जंक्शन पर महिला सुरक्षा में जवानों का अद्भुत साहस
भागलपुर जंक्शन पर दो अलग-अलग घटनाओं में आरपीएफ (Railway Protection Force) के जवानों ने अपनी बहादुरी और तत्परता का परिचय देते हुए दो महिलाओं की जान बचाई है। इन घटनाओं का वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है, जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने की कोशिश कर रही महिलाएं अचानक पटरी पर गिर गईं। जवानों ने तुरंत दौड़ लगाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
पहली घटना: चलती ट्रेन में महिला का गिरना और जवानों का साहसिक प्रयास
9 दिसंबर की शाम को भागलपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर यह घटना हुई। उस समय किऊल-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन खुलने वाली थी। इसी दौरान एक महिला ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी, लेकिन उसका संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गई। उस समय मौजूद आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक संजीव कुमार झा ने तत्परता दिखाते हुए दौड़कर महिला को पकड़ लिया और पूरी ताकत से खींचकर उसे प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। महिला को बचाते समय वह खुद भी गिर पड़े, लेकिन उनकी बहादुरी से महिला सुरक्षित रह सकी। महिला की पहचान कहलगांव थाना क्षेत्र के कालीगंज निवासी मनीष कुमार साह की पत्नी सोनी देवी के रूप में हुई है।
दूसरी घटना: चलती ट्रेन से महिला का फिसलना और जवान का त्वरित कदम
10 दिसंबर को सुबह 10:25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक और घटना हुई। उस समय बांका-राजेंद्र नगर इंटरसिटी एक्सप्रेस धीरे-धीरे चल रही थी। इसी दौरान एक महिला यात्री ट्रेन से उतरने का प्रयास कर रही थी, लेकिन फिसलकर गिर गई। उस समय तैनात हेड कांस्टेबल माधव कुमार ने तुरंत ही स्थिति को भांपते हुए ट्रेन से कूद पड़े। उन्होंने तुरंत महिला की ओर दौड़ लगाई और उसे पटरी पर गिरने से पहले ही बाहर खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले आए। इसके बाद वे फिर से उसी चलती ट्रेन में चढ़कर अपनी ड्यूटी पर लौट गए। मालदा मंडल के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने दोनों जवानों के साहस की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना अत्यंत खतरनाक है और यात्रियों को इससे बचना चाहिए। रेलवे सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन यात्रियों का सहयोग भी जरूरी है।









