बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक हलचल तेज
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। इस बीच, तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव के सरकारी नौकरी का वादा पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि पहले आरजेडी की सरकार बन जाए, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वर्तमान में तेज प्रताप अपनी नई पार्टी ‘जन शक्ति जनता दल’ के प्रचार में व्यस्त हैं, जो चुनावी मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास कर रही है।
तेजस्वी यादव का महागठबंधन में नेतृत्व का सवाल
क्या तेजस्वी यादव ने खुद को महागठबंधन का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है? इस सवाल पर पत्रकारों ने जब उनसे पूछा, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, अपनी पार्टी की आगामी योजनाओं के बारे में उन्होंने संकेत दिए कि परसों एक बड़ी घोषणा की जाएगी, जिसमें उनके उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए जाएंगे। बिहार चुनाव की विस्तृत कवरेज के लिए यहां क्लिक करें।
एनडीए और AIMIM के साथ गठबंधन की चर्चाएं
एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के नेताओं के आरजेडी में शामिल होने के सवाल पर तेज प्रताप ने कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि सभी दलों से बातचीत चल रही है। समय आने पर सभी को जानकारी मिल जाएगी। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह अपनी पुरानी सीट महुआ से ही चुनाव लड़ेंगे।
बता दें कि हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने घोषणा की है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में लगभग 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। यह संख्या पिछली बार की तुलना में पांच गुना अधिक है। AIMIM का उद्देश्य बिहार में एक तीसरा राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करना है, जहां अब तक राजनीति मुख्य रूप से भाजपा (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए और कांग्रेस-राजद के महागठबंधन के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है।










