बिहार में रेलवे विकास की नई दिशा
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को पटना में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनसे बिहार में रेलवे नेटवर्क का विस्तार और सुधार सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में रेलवे से जुड़े परियोजनाओं की कुल लागत 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को रेलवे बजट में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है, जो राज्य के रेलवे विकास में एक बड़ा कदम है।
मंत्री ने कहा कि बिहार में रेलवे का व्यापक विकास हो रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने पटना के हार्डिंग पार्क क्षेत्र में पांच नए प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की, जिससे स्टेशन का विस्तार होगा और यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। इस परियोजना के तहत रेलवे की क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम और यात्रियों को राहत मिलेगी।
नई रेलवे परियोजनाएं और निर्यात गतिविधियां
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि छपरा से दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) के लिए एक नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जा रही है, जो यात्रियों को आरामदायक और सीधी यात्रा का अनुभव कराएगी। इसके अलावा, बिहार में निर्मित रेलवे इंजनों की भी सराहना की गई। मढ़ौरा रेलवे इंजन कारखाने से आज 51वां लोकोमोटिव इंजन निर्यात के लिए रवाना हो रहा है, जिसे गिनी (Gini) को भेजा जाएगा। यह कदम बिहार के रेलवे उद्योग की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने में मदद करेगा।
आगे की योजनाएं और रेलवे का विस्तार
रेल मंत्री ने कहा कि बिहार में चल रही सभी रेलवे परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार बिहार में रेलवे अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। आने वाले समय में नई सुविधाओं और बेहतर सेवाओं को जोड़ने का लक्ष्य है, ताकि राज्य का रेलवे नेटवर्क और अधिक प्रभावी और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बन सके।










