प्रधानमंत्री मोदी का बिहार चुनाव पर बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि बिहार में हुए जंगल राज का इतिहास आने वाले सदियों तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी गलतियों को छुपाने का प्रयास करे या न करे, जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में महागठबंधन द्वारा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद मोदी ने इस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन नहीं बल्कि अपराधियों का गठबंधन है, क्योंकि इसमें शामिल सभी नेता, जो दिल्ली और बिहार से हैं, जमानत पर हैं।
बिहार में विकास और युवा शक्ति का संदेश
प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर पर बुजुर्गों को प्रेरित करें कि वे युवाओं को जंगल राज के दौरान हुए अत्याचारों की कहानियां सुनाएं। इससे नई पीढ़ी को उस काले दौर की यादें ताजा करने का अवसर मिलेगा। ऑडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “मेरा बूथ सबसे मजबूत” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “बिहार का जंगल राज लोग आने वाले सौ वर्षों तक नहीं भूलेंगे। विपक्ष चाहे जितनी कोशिश कर ले, जनता उसे माफ नहीं करेगी।” उन्होंने कहा कि बिहार में हर सेक्टर में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, जैसे अस्पताल, स्कूल और रेलवे लाइनें बन रही हैं, जिसका मुख्य कारण स्थिर सरकार का होना है।
बिहार में महिलाओं का सशक्तिकरण और टेक्नोलॉजी का विकास
प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लोग वोट की ताकत को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। 14 नवंबर को बिहार में महिलाओं के सशक्तिकरण का नया युग शुरू होने जा रहा है, जब भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए फिर से सत्ता में आएगी। मोदी ने कहा कि सरकार बिहार में नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने के लिए तेजी से काम कर रही है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि बिहार में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप हब बनाने की जरूरत है, ताकि युवा पलायन न करें और राज्य में ही अपनी आजीविका कमाएं। उन्होंने कहा, “नीतीश जी और एनडीए ने मिलकर बिहार को जंगल राज से बाहर निकाला और कानून का शासन स्थापित किया। आज बिहारी अपनी पहचान पर गर्व महसूस कर रहे हैं।” मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अगले 20 दिनों तक जनता के बीच सक्रिय रहें और युवाओं को अपने वोट की ताकत के बारे में जागरूक करें।










